सरकारी विभागों के 300 कर्मचारी और अधिकारी विजिलेंस जांच के घेरे में हैं। विकास कार्यों में अनियमितताओं से लेकर काम के बदले रिश्वत मांगने के आरोप लगाए गए हैं। 100 से अधिक शिकायत की गई हैं। शासन के निर्देश पर विजिलेंस आगरा सेक्टर ने जांच शुरू कर दी है। 20 फीसदी मामलों में बंद जांच (गोपनीय) के बाद खुली जांच (आरोपी का पक्ष लिया जाता है) भी की जा रही है।
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विजिलेंस आगरा सेक्टर में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, अलीगढ़, हाथरस और कासगंज जिले शामिल हैं। विजिलेंस में शासन के निर्देश पर 100 से अधिक शिकायतों की जांच की जा रही हैं। इनमें आय से अधिक संपत्ति, अनियमितताओं, घोटालों और रिश्वत मांगने के मामले शामिल हैं। विभागों में शिक्षा, पंचायती राज, नगर निगम, जल निगम, लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरण, राजस्व, जीएसटी, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, आरटीओ, आबकारी आदि शामिल हैं। कई मामलों में 2 से अधिक लोकसेवकों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इनमें बंद और खुली जांचें भी हैं। खुली जांच में आरोपियों को नोटिस देकर बुलाया जाता है।
भ्रष्टाचार हेल्पलाइन नंबर पर भी आ रहीं
एसपी विजिलेंस के मुताबिक, विजिलेंस आगरा सेक्टर लगातार शिकायतों पर कार्रवाई कर रहा है। अगर, कोई लोकसेवक सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो रिश्वत विरोधी हेल्पलाइन नंबर 9454401864 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। शासन के निर्देश पर गोपनीय जांच कर आरोपों की पुष्टि करती है। पुष्टि होने के बाद आरोपी पर कार्रवाई की जाती है।
10 महीने में 11 पर कसा गया शिकंजा
विभागों में काम के बदले रिश्वत मांगने के मामलों में विजिलेंस आगरा सेक्टर पिछले 8 महीने में 11 लोकसेवकों पर शिकंजा कस चुका है। आरोपियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर विवेचना की गई है।
टेंडर, सड़क निर्माण, खरीद-फरोख्त की शिकायत
लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, विकास प्राधिकरण में टेंडर, सड़क निर्माण आदि, जबकि शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े की शिकायतें की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग और जल निगम आदि में खरीद-फरोख्त से संबंधित मामलों की शिकायत की गई हैं। इनमें गोपनीय जांच के साथ ही कई मामलों में खुली जांच भी की जा रही है। जांच पूरी होने पर शासन को रिपोर्ट भेजी जाती है। आरोपों की पुष्टि होने पर शासन के निर्देश पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं।
एसीपी विजिलेंस आलोक शर्मा ने बताया कि विभिन्न विभागों में अनियमितताओं, रिश्वत मांगने और लोकसेवकों की आय से अधिक संपत्ति की 100 से अधिक शिकायत पर जांच की जा रही है। इनमें लगभग 10 अभियोगों की विवेचना भी शामिल हैं। सभी में नियमानुसार आख्या शासन को प्रेषित की जाएगी।