उसके बाद बस द्वारा जितेंद्र चौधरी सहित उसके अन्य सहपाठियों को गाड़ियों से पोलैंड बॉर्डर से 25 किमी पहले ही छोड़ दिया गया, जिससे वह 25 किमी पैदल चलकर पोलैंड पहुंचे, वहां से फ्लाइट से दिल्ली पहुंचा। दिल्ली से वह गुरुवार को अपने घर पहुंच गया।
घर लौटा मानवेंद्र, परिजनों में दौड़ी खुशी की लहर
मिढ़ाकुर के गांव नगला गुजरा निवासी मानवेंद्र शुक्रवार को रोमानिया से दिल्ली आ गया। शाम को वह अपने घर पहुंच गया। मानवेंद्र ने बताया कि वह वह 28 फरवरी को रोमानिया आ गया था। इसके बाद से ही वह रोमानिया के एयरपोर्ट के पास रुका हुआ था।
उसने बताया कि वह गुरुवार को अपने पैसों से टैक्सी करके मित्रों के साथ एयरपोर्ट पर आया। शाम साढ़े पांच बजे उसे दिल्ली के लिए फ्लाइट मिल गई। रात में ही वह दिल्ली पहुंच गया। मानवेंद्र घर पहुंचते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।
21 छात्रों की जल्द होगी वापसी
प्रशासन के मुताबिक 21 छात्र एक-दो दिन में स्वेदश लौट आएंगे। इनमें दो छात्र खारकीव व दो ओडेसा में फंसे हैं। बाकी छात्र सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए हैं। देर रात तक और छात्रों के आने की भी संभावना है।