अटल बस सेवा की 26 इलेक्ट्रिक बसों को 15 जनवरी से संचालित करने का रोडवेज अधिकारियों का दावा धरा रह गया। चार्जिंग स्टेशन तैयार होने के बावजूद उन्हें अब बिजली विभाग से एनओसी नहीं मिली है। इससे अटल बस सेवा का विस्तार नहीं हो पाया और बसें खड़ी हैं। अटल बस सेवा के तहत जिले को फरवरी माह में शासन से कुल 38 इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त हुई थीं। इनमें से वर्तमान में केवल 12 बसों का संचालन किया जा रहा है। शेष 26 बसें चार्जिंग सुविधा के अभाव में डिपो में खड़ी हैं। अब तक फाउंड्री नगर टेढ़ी बगिया में केवल एक ही चार्जिंग पॉइंट होने से सीमित संख्या में ही बसों का संचालन हो पा रहा था।
इस समस्या को दूर करने के लिए आईएसबीटी परिसर में आठ नए चार्जिंग पॉइंट तैयार कराए गए। ट्रांसफॉर्मर भी फिट हो चुका है। मगर, बिजली विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) न मिलने के कारण चार्जिंग स्टेशन शुरू नहीं हो सके हैं।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल का कहना है कि बिजली आपूर्ति शुरू होते ही अटल बस सेवा का दायरा बढ़ाया जाएगा। आगरा से बदायूं, फर्रुखाबाद, नोएडा, बुलंदशहर और बरसाना जैसे मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाना प्रस्तावित है। ये बसें एक बार चार्ज होने पर लगभग 200 किलोमीटर तक चलने में सक्षम हैं, लेकिन चार्जिंग की सुविधा हर रूट पर उपलब्ध होना जरूरी है।
परिक्षेत्र में कुल 761 बसें
क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि आगरा परिक्षेत्र के 6 डिपो में कुल 761 बसें हैं, इनमें 167 बसें अनुबंधित हैं। अटल बस सेवा की इलेक्ट्रिक बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और इनके संचालन से यात्रियों को लंबी दूरी के सफर में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।