1. तीन साल पहले पंजाब में नशे की बड़ी खेप पकड़े जाने पर आगरा के तस्करों का नाम आया।
2. ढाई साल पहले राजस्थान में अवैध गर्भपात किट पकड़ी गई तो वहां की पुलिस सक्रिय हुई थी।
3. दो साल पहले राजस्थान पुलिस ने आगरा में चिकित्सक और झोलाछाप भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए पकड़े।
4. पिछले साल पंजाब पुलिस ने खुलासा किया कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, पश्चिमी बंगाल और बिहार में नशे की दवाइयां आगरा से जाती हैं।
5. पिछले साल ही पंजाब पुलिस ने पर्दाफाश किया था कि तस्करों के गिरोह का नाम आगरा गैंग है जिसमें मथुरा के भी सदस्य हैं।
6. आगरा गैंग का खुलासा हो जाने के बाद पंजाब सहित आठ राज्यों की पुलिस यहां के दवा तस्करों पर शिकंजा कस रही है।
अब तक की बड़ी कार्रवाई
1. इसी साल अगस्त में फ्री गंज में गोदाम से ग्वालियर नार्कोटिक्स की टीम ने 225 करोड़ की दवाइयां बरामद की थीं।
2. पिछले साल सिकंदरा के निखिल गार्डन में दो करोड़ की अवैध दवाइयां मिली थीं।
3. पिछले साल यमुना पार में मालवा कंपनी के गोदाम से 60 लाख की दवाएं बरामद हुई थीं।
4. इसी साल कमला नगर में अरोड़ा बंधुओं के घर से कई बार में करोड़ों की दवा बिक्री के बिल मिल चुके हैं।
फर्जी बिलों पर करोड़ों का काला धंधा
ड्रग विभाग की जांच में यह सामने आ चुका है कि नकली और नशे की दवाइयों का धंधा फर्जी बिलों पर किया जा रहा है। इसमें कार्रवाई के लिए जीएसटी के अधिकारियों की मदद मांगी गई है। पिछले दिनों दिल्ली और राजस्थान में पकड़ी गई अवैध गर्भपात किटों के मामले में भी यही बात सामने आई है कि इन्हें फर्जी बिलों पर भेजा गया था। इसकी जांच चल रही है।
आगरा में भंडारण, फिर आठ राज्यों में तस्करी
दो साल से चल रही जांच में यह बात सामने आई है कि आगरा गैंग के तस्कर नशे की और नकली दवाइयों का आगरा में भंडारण करते हैं। ये दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद आदि जगहों से लाई जाती हैं। आगरा में गैंग के बड़े गोदाम हैं। ये सिकंदरा, फ्री गंज, बल्केश्वर, यमुना पार में पकड़े जा चुके हैं। यहां से दवाइयों को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिमी बंगाल, बिहार, गुजरात सहित आठ राज्यों में भेजा जाता है।