आगरा के कमला नगर में इस बार 25 फीट ऊंची और करीब 6,700 किलो वजनी गणपति बप्पा की भव्य मूर्ति स्थापित की जाएगी। यमुना की चिकनी मिट्टी समेत प्राकृतिक सामग्री से तैयार मूर्ति को 14 सितंबर को विधि-विधान से विराजमान कराया जाएगा।
यमुना की चिकनी मिट्टी से तैयार की जा रही गणपति बप्पा की 25 फीट ऊंची मूर्ति कमला नगर में गणेशोत्सव की शोभा बढ़ाएगी। कमला नगर में 14 सितंबर को विघ्नहर्ता विराजेंगे। करीब 6,700 किलो वजनी मूर्ति बनकर तैयार हो चुकी है। अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। गणेश चतुर्थी पर बप्पा के विराजते ही क्षेत्र गणपति भक्ति में रंग जाएगा।
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मूर्तिकार विकास ने बताया कि यमुना की चिकनी मिट्टी, खेत की मिट्टी के साथ घास, लकड़ी, बांस, जूट, जौ आदि का इस्तेमाल मूर्ति बनाने में किया गया है। मूर्ति के स्वरूप को तैयार करने में कोलकाता से आए 25 कारीगर पिछले एक महीने से जुटे हैं। मूर्ति की बारीकियों को आकार देने के बाद अब रंग-रोगन का काम हो रहा है। इसके लिए पानी वाले रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कमला नगर-बल्केश्वर आगरा के राजा पोला भाई ग्रुप की ओर से 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती के बाद आगरा के राजा का भव्य दरबार भक्तों के लिए खोला जाएगा। वहीं, मंगलमूर्ति सेवा समिति की ओर से सदर में 24 फीट ऊंची बप्पा की मूर्ति स्थापित की जाएगी।
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कमला नगर-बल्केश्वर आगरा के राजा पोला भाई ग्रुप के अध्यक्ष संजय वर्मा ने बताया कि शुरुआत में मोहल्ले के लोग मिलकर आयोजन करते थे। अब सैकड़ों सदस्य आयोजन करते हैं। इस बार 12 दिन के लिए गणपति बप्पा विराजमान होंगे।
वहीं कमला नगर-बल्केश्वर आगरा के राजा पोला भाई ग्रुप के उपाध्यक्ष राजा शर्मा ने कहा कि पिछले 18 साल से गणपति बप्पा की मूर्ति की स्थापना कर रहे हैं। इस बार 19वां साल है। शुरुआत तीन फीट की गणेश मूर्ति रखने से हुई थी। धीरे-धीरे आयोजन बड़ा होता गया।