जापान की महिला आगरा में धोखाधड़ी का शिकार हो गईं। उनका आरोप है कि दो लोगों ने सोने के जेवरात के व्यापार में 50 फीसदी का मुनाफा देकर 23 लाख रुपये ले लिए। उन्हें बाद में धोखाधड़ी का पता चला। उन्होंने जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत की। मामले की जांच थाना पर्यटन पुलिस को दी गई है।
थाना पर्यटन के प्रभारी निरीक्षक जय सिंह परिहार ने बताया कि शिकायत करने वाली जापान की महिला 56 साल की हैं। उन्होंने कहा है कि वह मार्च 2019 में भारत आई थीं। दिल्ली से पुष्कर गईं। इसके बाद आगरा आईं। यहां उनकी मुलाकात होटल में दो लोगों से हुई। उन्होंने सोने के जेवरात का व्यापार करने पर 50 प्रतिशत का मुनाफा बताया। उन्हें मुंबई में ले जाकर सोने के जेवरात खरीदवाए। इसके लिए उनकी बैंक के कार्ड का इस्तेमाल किया।
जेवरात उनको जापान भेजने का वादा किया। इस पर वो वापस चल र्गईं। मगर, जेवरात की डिलीवरी नहीं हुई। वो जुलाई 2019 में दोबारा भारर्त आईं। इस बार फिर उनसे खरीदारी कराई गई। मार्च 2019 से लेकर मार्च 2020 तक जापान की करेंसी के रूप से येन लिए गए। जितने येन लिए गए, उनकी भारतीय मुद्रा में 23 लाख रुपये के बराबर हैं।
आरोप है कि उन्हें गलत जेवरात भेजे गए। उन्हें कोई मुनाफा नहीं हुआ। जेवरात भी नहीं मिले। अब उन्होंने फिर से भारत आकर कार्रवाई की मांग की है। निरीक्षक जय सिंह परिहार का कहना है कि मामले में धनराशि निकालने के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। महिला ने 23 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
लपके रहते हैं सक्रिय
ताजमहल देखने आने वाले विदेशी पर्यटकों को लपके अपना शिकार बनाते हैं। सस्ते सामान से लेकर होटल में कमरा और रेस्टोरेंट में खाना खिलाने तक का ठेका लेते हैं। उनसे दोगुनी और चार गुनी तक कीमत वसूल करने के मामले कई बार सामने आ चुके हैं। थाना पर्यटन में मुकदमे भी दर्ज हो चुके हैं। पुलिस ताजगंज क्षेत्र के लपकों को पकड़कर कई बार कार्रवाई कर चुकी है।