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कसा शिकंजा: 23 ग्राम पंचायते आई जांच के घेरे में

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ासगंज। कार्यकाल खत्म होने के आखिरी दिनों में ग्राम पंचायतों ने खातों से जमकर धनराशि निकाली। कार्यकाल के आखिरी दिनों में निकाली गई धनराशि से वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। ऐसी 23 ग्राम पंचायतों पर शिकंजा कस दिया गया है। जहां आखिरी दिनों में 10 लाख से अधिक धन आहरित किया गया। इन ग्राम पंचायतों से निकाली गई धनराशि से कराए गए कार्यों का विवरण मांगा है। जिससे सही तथ्य सामने आ सके।
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ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त हुआ। इससे पूर्व प्रधानों एवं सचिवों द्वारा ग्राम पंचायतों से 1 से 25 दिसंबर तक धनराशि निकाले जाने का सिलसिला जारी रहा। जिले की 23 ग्राम पंचायतें ऐसी रही जिन्होंने इस अवधि में 10 से 12 लाख तक की धनराशि निकाली।
ग्राम पंचायतों में सरकारी धनराशि के दुरुपयोग एवं वित्तीय अनियमितता की संभावना जताते हुए ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया। इन ग्राम पंचायतों में आखिरी दिनों में आहरित की गई धनराशि से कराए गए कार्यों की पूरी जांच की जाएगी। यदि इन ग्राम पंचायतों में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता साबित हो गई तो इनके खिलाफ कार्रवाई तय है।
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जांच के दायरे में आईं ये ग्राम पंचायतें
सोरों की ग्राम पंचायत भिदौनी, चन्दपुरा गऊपुरा, फतेहपुर कलां, हिमायूंपुर, होडलपुर, कादरवाडी, कुमरौआ, लहरवरकुला, मानपुर नगरिया, गढी पंचगाई, पैसोई, श्यामसर एवं सिरावली, कासगंज की पंचायत कांतौर, कासगंज देहात, नदरई, पवसरा, सहावर की ग्राम पंचायत बौंदर, खोजपुर एवं लहरा, सिढ़पुरा की ग्राम पंचायत हमीरपुर, पटियाली की ग्राम पंचायत मझोला एवं रतनपुर फतियापुर जांच के घेरे में हैं।
वर्जन
जिन ग्राम पंचायतों में 10 लाख से अधिक धनराशि दिसंबर माह में निकाली गई है उनके कायों की जांच कराई जा रही है। जांच के लिए सभी आवश्यक अभिलेख मांगे गए है। कार्यो का स्थलीय सत्यापन किया जाएगा। कार्य में किसी तरह की गडबडी पायी जाती है तो निकाली गयी धनराशि की रिकवरी एवं अन्य विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - श्रीकांत यादव, जिला पंचायतराज अधिकारी।
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