महुअन टोल पर सेना की खुफिया विंग और पुलिस द्वारा की गई संयुक्त चेकिंग में विभिन्न सुरक्षा बलों से जुड़े 23 फर्जी आईडी कार्ड पकड़े गए हैं। इन्हें जांच के लिए उनके मुख्यालय भेजा गया है। विभिन्न सुरक्षाबालों के फर्जी पहचान पत्र सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।
सेना की खुफिया विंग को आम लोगों के पास विभिन्न सुरक्षा बलों के फर्जी पहचान पत्र होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद सेना की खुफिया विंग ने पुलिस के साथ मिलकर शुक्रवार को महुअन टोल बैरियर पर संयुक्त चेकिंग की। इस दौरान सेना का कार्ड दिखाकर टोल बचाने का प्रयास करने वालों को सेना और पुलिस की अफसरों ने पकड़ा और उनके कार्ड को स्कैन किया।
इतना ही नहीं उन सभी के फोटो खींचे और पहचान से जुड़े जरूरी कागजात लेने के बाद उन्हें जाने दिया। सुबह सात से रात नौ बजे तक चली चेकिंग में विभिन्न सुरक्षा बलों के 23 कार्ड मिले। फौरी जांच में पता चला है कि जिन कार्डों का प्रयोग टोल बचाने के लिए किया जा रहा था वह असली कार्ड की रंगीन फोटो कापी थे। इन सभी कार्डों को सेना की खुफिया विंग ने जांच के लिए उनसे जुड़े मुख्यालयों पर भेजा है।
टोल पर हर दिन करीब 250 लोग करते हैं कार्ड का प्रयोग
मथुरा। महुअन टोल बैरियर के प्रबंधक अनिल यादव ने बताया कि खुद को विभिन्न सुरक्षाबलों में तैनात होने दावा करते हुए कार्ड दिखाकर टोल नहीं देने वाले एक दिन में करीब 250 वाहन लेकर गुजरते हैं। हम लोग किसी भी कार्ड को फर्जी साबित नहीं कर सकते। सेना की खुफिया विंग और पुलिस द्वारा की गई चेकिंग में 23 फर्जी कार्ड पकड़े गए।
सेना के कार्ड का दुरुपयोग करने वालों पर होगी कार्रवाई
सेना में कार्यरत लोगों के आईकार्ड की स्कैन कॉपी कराकर मुफ्त में टोल पास करने वाले सैनिकों के खिलाफ सेना की ओर से कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को सेना की इंटेलीजेंस के लोगों ने महुअन टोल प्लाजा पर फरह पुलिस के साथ चेकिंग की थी। इसमें 28 लोग ऐसे पकड़े जिनके परिवार के लोग सेना में नौकरी कर रहे हैं और वह उनके आई कार्ड की स्कैन कॉपी कराकर मुफ्त में टोल से पास होते थे। सेना की इंटेलीजेंस के एक अफसर ने बताया कि पकड़े गए लोगों से सेना में कार्यरत उनके परिवारीजन का पूरा डाटा जुटा लिया गया है।