आगरा। वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के लिए छह महीने यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट, एंपावरमेंट, एफिसिएंशी एंड डेवलपमेंट (उम्मीद) पोर्टल खुला रहा। इतने दिनों में वक्फ के नामित कॉर्डिनेटर और नोडल प्रभारी मुतवल्ली जिले की आधे से भी कम संपत्तियों का पंजीकरण करा सके है। इसके पीछे मुतवल्ली पोर्टल का सर्वर धीमा होना बता रहे हैं।
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी नीलिमा सिंह ने बताया कि जिले में दफा 37 के संपत्ति रजिस्टर के अनुसार कुल 2189 संपत्तियां हैं। इनमें उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की 2161 और उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड की 28 संपत्तियां दर्ज हैं। इनके मुतवल्ली व संरक्षकों ने कुल 998 संपत्तियों का उम्मीद पोर्टल पर पंजीकरण करा दिया है। यह कुल संपत्तियों के आधे से भी कम है। अब आवेदक लखनऊ वक्फ ट्रिब्यूनल से शेष संपत्तियों के पंजीकरण के लिए निवेदन कर सकते हैं।
मुतवल्ली सैय्यद जफर रिजवी ने बताया कि उन्हें उप्र शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने जिले की वक्फ की संपत्तियों के पंजीकरण कराने के लिए नोडल प्रभारी नियुक्त किया है। उनके अनुसार जिले में शिया वक्फ की 28 संपत्तियां हैं। उनमें से 26 का पंजीकरण हो गया है। उनके लिए वक्फ कमेटी के अनुसार आगे कार्य करेंगे।
सुन्नी वक्फ संपत्तियों के नामित कॉर्डिनेटर मोहम्मद मुअज्जम खान ने बताया कि उनके साथ बोर्ड ने तीन अन्य कॉर्डिनेटर नियुक्त किए हैं। सभी ने सुन्नी वक्फ की संपत्तियों के संरक्षक और मुतवल्लियों को पंजीकरण कराने के लिए सहयोग किया। सर्वर सही से कार्य नहीं कर रहा था। इस कारण 2161 संपत्तियों का पंजीकरण हो पाया। शेष के लिए बोर्ड ट्रिब्यूनल कोर्ट जाएगा।