एटा। कृषि उत्पादन मंडी समिति में दुकानों की नींव रखी जाती उससे पहले ही उन्हें खोखला करना शुरू कर दिया गया है। नियम, कानून सब ताक पर रख कर रसूखदार जिम्मेदारों के साथ मिलकर खेल करा रहे हैं। खेल करने से पहले पूरी रूपरेखा तैयार की गई। हुआ यह कि दुकानों के निर्माण के प्रस्ताव से पहले ही 157 व्यापारियों के लाइसेंस जारी कर दिए गए। अब इसका प्रस्ताव पास करा लिया और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।
84 दुकानों का होना है निर्माण
मंडी समिति में 84 दुकानों के का निर्माण होना है। इसका प्रस्ताव भी पास हो गया है। इनमें चार दुकानें गोदामों के पीछे, दो दुकानें स श्रेणी में, एक हजार मीट्रिक टन गोदामों की साइड में 25 दुकानें स श्रेणी में, पुलिस चौकी के दोनों ओर 29 दुकानें स श्रेणी में, खुले नीलामी चबूतरा व छायादार नीलामी चबूतरा के बची रिक्त भूमि पर 26 दुकानें स श्रेणी में, मंदिर के पीछे स श्रेणी में दो दुकानों का निर्माण होगा। अन्य श्रेणियों में भी दुकानों का निर्माण कार्य के प्रस्ताव पास हो गए हैं।
ऐसे हो रहा खेल
नियमानुसार व्यापारियों को लाइसेंस तभी दिया जा सकता है जब मंडी में उसके पास दुकान हो, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं हुआ। यहां व्यापारियों को पहले लाइसेंस दे दिए गए। इसके बाद प्रस्ताव पास हुआ और अब निर्माण कब शुरू होगा इसकी जानकारी नहीं है। सूत्रों की मानें तो इन दुकानों की आवंटन प्रक्रिया भी लाइसेंस के अनुसार ही किए जाने की चर्चा चल रही है। जिनके पास लाइसेंस होगा उन्हीं को निलामी में हिस्सा लेने दिया जाएगा।
यह होता नियम
किसी भी भूमि या दुकानों के आवंटन के लिए सबसे पहले उसका प्रस्ताव पास कराया जाना चाहिए। प्रस्ताव पास होने के बाद आवंटन के लिए सार्वजनिक सूचना जारी की जाती है। निलामी में कोई भी बोली लगा सकता है। इसके लिए जो शर्तें होतीं है वह पहली सूचना में जारी कर दी जातीं हैं।
कटघरे में आ रहे जिम्मेदार
जब दुकान ही नहीं हैं तो व्यापारियों को व्यापार करने का लाइसेंस किस आधार पर जारी किया गया। मंडी में व्यापार तभी किया जा सकता है जब उसके पास दुकान होगी? ऐसे कई सवाल जिम्मेदारों को कटघरे में कड़ा कर रहे हैं। मगर जिम्मेदारों का कहना है कि जब दुकानों का निर्माण होता तो उनको नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
दबाव में जारी किए गए लाइसेंस : मंडी सचिव
मंडी समिति में दुकानों के निर्माण से पूर्व दबाव में लाइसेंस जारी कर दिए गए हैं। खाद्यान्न मंडी में 157 लाइसेंस जारी हुए हैं जिनके लिए दुकानों का निर्माण कार्य कराया जाएगा। नीलामी प्रक्रिया में लाइसेंसधारकों को ही शामिल किया जाएगा।
अशोक सिंह सोलंकी, मंडी सचिव