फिरोजाबाद। बाजार में नए आलू की दस्तक देने के साथ पुराने आलू की मांग खत्म हो गई है। हालात यह हैं कि जिले के कोल्ड स्टोरेज में आज भी दस हजार मीट्रिक टन से अधिक आलू रखा हुआ है। बाजार में भाव नहीं मिलने के कारण किसानों के सामने आलू फेंकने के अलावा कोई चारा नहीं है।
आलू के सही दाम किसानों को नहीं मिले थे लेकिन जिन किसानों ने आलू रोक लिया उन्हें आलू का कोई भाव नहीं मिल पा रहा है। हालात यह हैं कि किसान कोल्ड स्टोरेज से आलू उठाने तक नहीं जा रहा है। कोल्डस्टोरेज संचालकों की मानें तो जिले में करीब 160 से अधिक कोल्डस्टोरेजों में कुछ में आलू रह गया है।
यह करीब दस हजार एमटी से अधिक ही होगा। हालांकि कोल्ड संचालक आलू को मंडियों में ही भेजकर कम रेट पर बिक्री करने को विवश हैं। किसानों के नहीं आने के कारण कोल्ड स्टोर संचालक आलू फेंकने को विवश हैं।
यतींद्रपाल सिंह निवासी बिदरखा ने बताया 650 पुराने आलू के पैकेट कोल्ड स्टोरेज में रखे हैं। थोड़ा और भाव सुधरने की उम्मीद के कारण आलू को रोका था। लेकिन अब कोई खरीदार नहीं है। इसके कारण फेंकना हमारी मजबूरी है।
तेजवीर सिंह गढ़ी अफोह के 2500 पैकेट आलू के कोल्ड स्टोरेज में हैं। भाव में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे हुए थे। अब हालात ये हैं 50 रुपया पैकेट आलू खरीदने को कोई तैयार नहीं है।
-आलू उत्पादक सत्यवीर सिंह ने बताया 350 आलू के पैकेट कोल्ड स्टोरेज में हैं पहले आलू की बिक्री कर ली थी पर यह आलू भाव सुधरने की उम्मीद से रोक लिया था। अब तो व्यापारी नहीं आ रहे हैं।
नारखी निवासी आशीष नारायन शर्मा ने कहा कि 275 आलू के पैकेज कोल्ड स्टोर में रखे हैं। दो माह पूर्व व्यापारी से बातचीत हो गई थी। भाव गिरने के कारण कोई भी आलू लेने नहीं आया। बाजार में मांग है नहीं इसके कारण फेंकना मजबूरी होगी।
ठाकुर कोल्ड स्टोर के संचालक इंद्रपाल सिंह ने कहा कि 20 से लेकर 25 हजार पैकेट आलू अभी कोल्ड स्टोरेज में रखा है। किसान आलू बिक्री करने को नहीं आ रहे है। व्यापारी बातचीत करने के बाद आलू लेने नहीं आए। इसलिए आलू को फेंकने के अलावा कोई चारा नहीं है।
जिला उद्यान अधिकारी विनय कुमार यादव ने कहा किअधिकांश कोल्ड स्टोरेज खाली हो गए हैं। कुछ कोल्ड स्टोर में एक प्रतिशत आलू रह गया है जो उम्मीद लगाए बैठे थे कि रेट और बढ़ेगी उन्हें हानि हुई है। बाजार में चाट वाले पुराने आलू का ही प्रयोग कर रहे हैं।