मैनपुरी। बदलते मौसम ने जिले के लोगों की दिक्कत बढ़ा दी है। दिन में धूप और रात में सर्दी से लोग बीमार हो रहे हैं। मौसम में परिवर्तन के कारण लोग निमोनिया, अस्थमा, बुखार आदि बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
मौसम में हो रहा बदलाव लोगों के लिए बड़ी समस्या बन रहा है। दिन के समय जहां तापमान 26 डिग्री तक पहुंच रहा है, वहीं रात के समय यह 11 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। दिन में धूप और रात में कंपकपाती सर्दी ने लोगों को बीमार बना दिया है। जिले में मौसम में हो रहे परिवर्तन के कारण बच्चे जहां निमोनिया के शिकार हो रहे हैं।
वहीं बुजुर्गों में अस्थमा की बीमारी बढ़ रही है। मौसम में परिवर्तन के कारण लोग कोल्ड डायरिया और बुखार से भी पीड़ित हो रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1100 से 1200 मरीज प्राथमिक उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जबकि 30 से 35 मरीज गंभीर हालत में भर्ती कराए जा रहे हैं।
जिले के अस्पतालों का बुरा हाल है। यहां न तो दवाइयां हैं और न ही डॉक्टर, जिला अस्पताल में जहां 26 में से मात्र 12 डॉक्टरों की तैनाती है। वहीं जिला महिला अस्पताल में भी डॉक्टरों के पांच पद रिक्त चल रहे हैं। इसके चलते मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। दवाइयों की यदि बात करें तो नीली-पीली गोली के अतिरिक्त कोई दवाई नहीं है। मरीजों को बाहर से दवाइयां लानी पड़ रही हैं।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जो मरीज भर्ती होते हैं, उनका उपचार ईएमओ ही करते हैं। विशेषज्ञ उन मरीजों को अगले दिन ही देखने के लिए पहुंचते हैं। तब तक या तो मरीज रेफर किया जा चुका होता है या फिर उसे नर्स ही उपचार दे रही होती हैं।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. जेजे राम का कहना है कि दिन में धूप और रात के समय सर्दी ये मौसम बहुत ही खतरनाक है। ऐसे मौसम में बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जरूत है। बच्चों को सुबह-शाम फुल आस्तीन के कपड़े पहनाएं। गर्म कपड़ों के साथ जूते भी पहनाएं। नंगे पैर न घूमने दें। बुजुर्गों को खुले में न लिटाएं। जहां बुजुर्ग लेटे हों उस कमरे में धुआं व धूल नहीं जानी चाहिए।