एटा। ‘तुम्हारी फाइलों में गांवों का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं, यह दावा किताबी है।’ मशहूर शायर अदम गोंडवी की यह चंद लाइनें जनपद के 108 गांवों को खुले में शौच मुक्त करने के डीपीआरओ और डीएम के दावों पर एकदम सटीक बैठती हैं। 15 अगस्त को डीपीआरओ की रिपोर्ट के मुताबिक जिलाधिकारी ने जनपद के 108 गांवों के ओडीएफ हो जाने का दावा किया था, लेकिन हकीकत इससे ठीक उलट है। जिन गावों के खुले में शौच मुक्त होने का दावा किया जा रहा है, उन गांवों में शौचालय आज भी अधूरे पड़े हैं। कहीं सीट नहीं है तो कहीं शौचालय से छत गायब है। शौचालयों के लिए आए धन का बंदरबांट कर फाइलों में तो कोरम पूरा कर दिया गया, लेकिन इस पूरे खेल में चार साल पहले दो अक्टूबर को देखा गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना टूटता नजर आया। गांव के लोग आज भी खुले में शौच जा रहे हैं और शौचालय के पूरा होने की आस लगाए बैठे हैं।
शीतलपुर ब्लॉक के गांव बारथर में शौचालय निर्माण के नाम पर बड़ा खेल हुआ है। गांव की महिला कटोरी देवी के शौचालय में न तो छत है और सीट का कुछ पता नहीं है। शौचालय निर्माण का अनुदान आज तक नहीं मिला।
गांव बारथर में ही दूसरी लाभार्थी गुड्डी देवी के शौचालय का हाल भी कुछ ऐसा ही है। यहां भी सीट आज तक नहीं लग पाई है। अनुदान राशि नहीं मिलने से शौचालय अधूरा पड़ा है। ऐसे में परिवार खुले में शौच जा रहा है।
गांव के नरेश चंद्र के घर में शौचालय निर्माण को गड्ढे खोदे गए। लेकिन न तो शौचालय बन सका और न ही अनुदान मिला। वे बताते हैं कि सचिव ने खाते से रकम निकाल ली। मगर उनको कुछ नहीं मिला।
792 शौचालय बनाने की फर्जी रिपोर्टिंग
जिले में स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर फर्जी रिपोर्टिंग का खेल चल रहा है। गांव बारथर मेें एक सामुदायिक शौचालय निर्माण के साथ 792 शौचालय बनाने की रिपोर्ट बनाई गई है। लोगों का कहना है कि सचिव संजय शर्मा गांव आते ही नहीं हैं। जबकि डीएम के गोद लिए गांव गाजीपुर पहोर में 249 शौचालय दिखाए गए हैं।
लग चुकी फटकार
जिले में स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर चल रही फर्जी रिपोर्टिंग पर पहले भी मंडलीय अधिकारी नाराजगी जता चुकेे हैं। डीडी पंचायत नंदिनी जैन ने पिछले दिनों पत्र भेजकर फर्जी रिपोर्टिंग बंद करने की चेतावनी दी थी, लेकिन इस पर सुधार अभी भी नजर नहीं आ रहा है।
शौचालय निर्माण पर सवाल
स्वच्छता एवं पेयजल मंत्रालय की बेवसाइट पर स्वच्छ भारत मिशन की रिपोर्ट कोई भी देख सकता है। इस रिपोर्ट में साफ दिखता है कि जब जिले में लगातार बारिश हो रही थी, तो पंचायत राज विभाग के अधिकारी शौचालय बनवा रहे थे। प्रगति रिपोर्ट पर सवाल उठता है कि आखिर बारिश में कैसे शौचालयों का निर्माण हो रहा है? साफ है कि शौचालय के नाम पर खेल किया जा रहा है।
जिले में स्वच्छ भारत मिशन का काम तेजी से चल रहा है। अगर कहीं फर्जी रिपोर्टिंग हो रही है, तो जांच कराई जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन में खेल बर्दाश्त नहीं होगा। उग्रसेन पांडेय, सीडीओ, एटा
आंकड़ों पर एक नजर
359 गांव ओडीएफ करने का दावा
108 गांव हुए ओडीएफ 15 अगस्त को
496 गांवों को किया जाना है खुले में शौच से मुक्त
30 सितंबर तक ओडीएफ करने का लक्ष्य
02 अक्टूबर तक जनपद को हर हाल में करना था ओडीएफ