मथुरा। अछनेरा-मथुरा रेलवे लाइन पर रिफाइनरी के निकट छड़गांव-सेरसा रोड पर बनाया गया अंडरपास ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। हालात ये हो गए हैं कि टेंपो, बाइकों का निकलना तो दूर की बात है, लोगों को पैदल निकलने में भी मुश्किलें हो रही हैं। लोगों की परेशानी की न रेलवे को चिंता है और नहीं जिला प्रशासन को। जनप्रतिनिधि भी आंख बंद कर चैन की नींद सो रहे हैं।
तीन वर्ष पूर्व अछनेरा-मथुरा रेलवे लाइन पर रिफाइनरी के निकट छड़गांव-सेरसा रोड पर मानव रहित क्रॉसिंग को हटाकर रेलवे ने अंडरपास का निर्माण कराया था। रोड से छड़गांव, पीलुआ, सादिकपुर, नगला फर्श, खेडिय़ा, सेरसा, माल, धर्मपुरा, बामौली आदि गांवों के सैकड़ों लोगों का आवागमन है।
शिक्षक, बैंक एवं अन्य कर्मचारी इन गांवों में जाते हैं। सैकड़ों ग्रामीण रिफाइनरी में मजदूरी करने जाते हैं। अंडरपास में पानी भरा होने से लोगों का आवागमन बंद है। लोग पानी भरे खेतों में होकर निकल रहे हैं।
गोवर्धन क्षेत्र के विधायक कारिंदा सिंह एवं बलदेव के पूरन प्रकाश के क्षेत्र में यह रास्ता आता है। विधायक कारिंदा सिंह का पैतृक गांव भी इसी रोड पर है। ईश्वर चंद गोयल, निरंजन लाल, हरिभान सिंह, लक्ष्मण, प्रेमचंद्र, हरी सिंह आदि ने कहा है कि वे कई बार विधायक से शिकायत कर चुके हैं, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।