मथुरा। यमुना के खादर में बसी कालोनियों से लोग बाढ़ के पानी को देखकर पलायन कर गए हैं। किसी ने रिश्तेदार के घर डेरा डाल लिया है तो किसी ने मित्र के घर में आसरा ले लिया है। अनेक परिवार अब भी पानी के कम होने की आस लगाए बाढ़ प्रभावित घरों में ही रह रहे हैं।
यमुना का जल स्तर पिछले पांच दिन से लगातार बढ़ रहा है। यमुना खादर की कालोनियों को इस पानी ने पूरी तरह से अपने घेरे में ले लिया है। ग्रीन बैली प्रथम और द्वितीय पूरी तरह से पानी की चपेट में आ गई हैं।
खादर में बसी इन दोनों कालोनियों में करीब 500 से ज्यादा परिवारों रहते हैं, जबकि गणेशधाम और इसके आसपास की तीन कालोनियों की की सड़के भी यमुना के पानी में डूब चुकी हैं। यहां से लोगों ने पलायन करते हुए अपने रिश्तेदारों के घरों में डेरा डाल दिया है।
दिल्ली में सिलाई का काम करने वाले कफील यमुना में बाढ़ की जानकारी मिलते ही घर आ गए हैं। उनके घर बाढ़ की चपेट में है। वहीदा परिवार के साथ गुरुवार को ही पलायन कर गईं। रोतेश ने बताया कि वह ढकेल लगाता है, लेकिन अब आवागमन का रास्ता ही नहीं बचा है।
बच्चे भी इसी पानी के बीच से रोज स्कूल जाते हैं। पानी का स्तर बढ़ने से आसपास क्षेत्र में भी दहशत है। गोकुल बैराज के निकटवर्ती कालोनियों में भी अब पानी ने घुसना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी यहां पानी घरों तक नहीं पहुंचा है।