मथुरा। कलक्ट्रेट में शनिवार को दिनभर बरसात से डूबी फसल की समस्या को लेकर किसानों के स्वर गूंजते रहे। अफसर एक प्रतिनिधिमंडल को समझाते तो दूसरा पहुंच जाता। यह दौर पांच घंटे तक चला। यह सब उस वक्त हो रहा था जब कलक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रमुख सचिव कृषि विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
रालोद के नेतृत्व में दोपहर 11:30 बजे बड़ी संख्या में किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। सभाकक्ष के समक्ष नारेबाजी की। विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे प्रमुख सचिव ने प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान वार्ता की। मांट ब्रांच, सौख रजबहा, पचावर ड्रेन, सहार रजबहा, नंदगांव रजबहा, कोसी रजबहा, अडींग रजबहा और मथुरा स्कैप की सफाई न होने से फसल के जलमग्न होने की जानकारी दी।
इस पर प्रमुख सचिव ने निकासी की व्यवस्था के तत्काल निर्देश सिंचाई अधिकारियों को दिए। नुकसान पर मुआवजे का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में रालोद जिलाध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह, राजपाल सिंह भरंगर, चौधरी रामवीर सिंह भरंगर, बच्चन पहलवान, चौधरी सिकंदर सिंह प्रमुख थे।
इसके अलावा अलीपुर ड्रेन से प्रभावित गढ़ी रूपा के किसानों ने भी इसी समस्या से अफसरों को अवगत कराया। फरह क्षेत्र के सेरसा के ग्रामीणों ने तो आत्मदाह की धमकी दी। इस दौरान प्रमुख सचिव ने समस्या के समाधान के लिए डीएम को निर्देशित किया। किसान जलभराव की समस्याओं को लेकर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस भी पहुंच गए।