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फाइलों में दफन हो गए वसूली के आदेश

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फाइल - फोटो : Getty
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एटा। ग्राम पंचायतों में हुए घोटालों की लगातार पोल खुल रही है, लेकिन कार्रवाइयां हर बार फाइलों में दफन होकर रह जाती हैं। हाल ही में जिले की 30 ग्राम पंचायतों के ऑडिट में सामने आए खेल के बाद भी कार्रवाई सुस्त है। ग्राम पंचायतों के अभिलेखों को लेकर प्रशासन महज नोटिस जारी कर शांत बैठ गया है। ऐसे में ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के हौंसले बुलंद हैं।
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दरअसल, पिछले साल सरकार के आदेश पर जिले की 243 ग्राम पंचायतों का ऑडिट कराया गया था। जिसमें लेखा परीक्षा विभाग ने 30 ग्राम पंचायतों में अभिलेख नहीं होने के चलते करोड़ों रुपये का खेल होने की पुष्टि की थी। विभाग ने सभी ग्राम पंचायत सचिवों और प्रधानों को नोटिस जारी करते हुए वसूली कराने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भी लिखा था। मामले में सचिवों और नोटिस तामील भी करा दिए गए, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिल सका है। आलम यह है कि इन ग्राम पंचायतों में पिछले वर्ष में हुए लेन-देन और विकास कार्यों में अभिलेख ही मौजूद नहीं है। मगर फिर भी जिला प्रशासन ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों को नोटिस देकर चुप्पी साधे बैठा है। इससे साफ है कि प्रशासनिक चुप्पी से ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों को सह दी जा रही है।
इन ग्राम पंचायतों में पकड़ी गई थीं कमियां
खिरिया नगर शाह, नखतपुरा, अहरई विचनपुर, ढिवैया अखत्यापुर, बिथरा, शेखपुरा, बारथर, जमों, राई, असदपुर, वीरी कलां, नारहुली, नारऊ वीर नगर, महकी खुर्द, हिनौना, नगला श्याम, दरमतपुर, पिलुआ, हिम्मतनगर बझेरा, अमृतपुर, जिन्हैरा, फतेहपुर सनौठ, उम्मेदपुर रिजोर, चिलासनी।
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इनका कहना है
ग्राम प्रधान और सचिवों से अभिलेख मांगे गए हैं। अगर अभिलेख नहीं आते हैं, तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उग्रसेन पांडेय, सीडीओ, एटा
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