प्रदेश में एस्मा लागू होने के बाद लेखपालों की हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। कलक्ट्रेट पर लेखपालों ने धरना देकर अपनी मांगे उठाईं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सरकार की आलोचना की। लेखपालों ने एलान किया कि वे प्रशासनिक कार्रवाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं और इस बार आरपार की लड़ाई लड़कर रहेंगे।
लेखपाल संघ 19 जून से वेतन व पेंशन विसंगति दूर करने, भत्ते व अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे हैं। लेखपाल संघ का आरोप है कि 11 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने लेखपाल संघ के प्रतिनिधिमंडल को उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन आश्वासन के बाद शासन की ओर से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। लेखपाल वैध रूप से नोटिस देकर हड़ताल पर हैं। हड़ताली लेखपालों पर की जा रही दमन की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेखपाल संघ ने एस्मा के नाम पर की जा रही कार्यवाही का विरोध किया। जिलाध्यक्ष महाराज सिंह एवं जिला सचिव विनय सक्सेना कहा कि प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई का लेखपालों के आंदोलन पर कोई असर नहीं है। आंदोलन निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगे नहीं मानी नहीं जाती तब तक आंदोलन चलेगा। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत संघ और माध्यमिक शिक्षक संघ ने भी लेखपाल संघ से आंदोलन में सहयोग का भरोसा दिया है। रामऔतार सिंह, शैलेंद्र कुमार, जगवीर सिंह, प्रमोद पाराशर, नाहर सिंह, प्रदीप, जगदीश बाबू, रामसेवक, पृथ्वीराज सिंह, अमित सक्सेना, संजीव कुमार, सत्यवीर सिंह, श्याम शर्मा, प्रमोद कुमार पाराशर, दिनेश कुमार, दीपक भारद्वाज आदि मौजूद रहे।