खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी रोकने के लिए छापेमारी हो रही है, लेकिन जांच रिपोर्ट अभी तक लटकी हुई है। अब तक 33 नमूनों की जांच रिपोर्ट लंबित पड़ी है। इसके साथ ही प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों से भरे गए सैंपलों की भी जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।
जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग के जरिए आए दिन छापेमारी करके नमूने लिए जाते हैं। जिनको जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला में भेजा जाता है। जहां से जांच के बाद नमूने में शुद्धता और मिलावट की परख की जाती है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 108 नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। जिसमें 33 नमूनों की जांच रिपोर्ट अब तक लंबित है। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों से लिए गए 46 नमूनों में से महज दो की रिपोर्ट ही मिली है। जबकि पिछले दिनों मंडलायुक्त अलीगढ़ अजयदीप सिंह ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय अवागढ़ में छात्राओं की तबियत बिगड़ने के बाद सभी विद्यालयों में एमडीएम की जांच करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की टीमें मंडलायुक्त के निर्देश पर दौड़ रही हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट नहीं आने से खाद्य पदार्थों की शुद्धता को आंका नहीं जा सका है। अवागढ़ के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 55 छात्राओं की तबियत बिगड़ने के बाद जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों से विभाग ने 25 नमूने भरे। इनकी जांच रिपोर्ट प्रयोगशाला में लंबित चल रही है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जिले के 21 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एमडीएम की गुणवत्ता जांच चुकी है, लेकिन अब तक महज दो विद्यालयों की जांच रिपोर्ट विभाग को मिली है।
ये हैं आंकड़े
108 सैंपल लिए गए जिले में
75 सैंपलों की मिली जांच रिपोर्ट
16 सैंपल हुए फेल
45 सरकारी विद्यालयों से लिए गए गसैंपल
02 की मिली जांच रिपोर्ट
मिलावटखोरी पर लगाम लगाने के लिए लगातार छापेमारी की जाती है। जांच रिपोर्ट प्रयोगशाला से आने पर कार्रवाई की जाएगी।
अपूर्व श्रीवास्तव, जिला खाद्य अभिहित अधिकारी