मथुरा। नोटबंदी के दौरान सराफा कारोबारी नीरज अग्रवाल ने सोने और चांदी की इतनी बिक्री कर दी थी कि उनका टर्नओवर 100 करोड़ को भी पार कर गया। एसआईबी की टीम ने इस मामले में जांच की और प्रशासनिक अफसरों की टीम को लगाया। इस मामले में अभी एक और जांच चल रही है।
नोटबंदी के दौरान कारोबारी नीरज अग्रवाल ने बिक्री का फर्जीवाड़ा किया था। बिक्री के दौरान उन्होंने इस बात का भी ध्यान नहीं रखा कि उनके पास स्टॉक ही नहीं है। बिक्री का ग्राफ तेजी के साथ बढ़ा तो वाणिज्य कर विभाग के अफसरों की आंखें भी चुंधिया गईं।
वाणिज्यकर विभाग की विशेष अन्वेषण विभाग की टीम ने जब पड़ताल की तो सामने आया कि नीरज अग्रवाल ने स्टॉक से ज्यादा की बिक्री कर दी है। इस पर वाणिज्य कर विभाग ने उन पर कर निर्धारण की कार्रवाई की। इतना ही नहीं इस मामले में विभाग के संबंधित प्रशासनिक कार्यालय में जांच भी चल रही है।
नोटबंदी के बाद नीरज अग्रवाल की बिक्री 100 करोड़ को भी पार कर गई थी। जो उनकी सामान्य बिक्री से कई गुना थी। एसआईबी की जांच में एक बात और सामने आई कि उन्होंने अपने स्टॉक से ज्यादा बिक्री कर दी। इस पर कर निर्धारण की कार्रवाई की गई थी।
- अनूप कुमार प्रधान, ज्वाइंट कमिश्नर, एसआईबी एवं सचल दल वाणिज्य कर मथुरा।