फिरोजाबाद। सब्जियों के राजा आलू ने किसानों को रुला दिया है। बाजार भाव नहीं मिलने के कारण किसान परेशान है। कोल्ड स्टोरेज संचालक आलू की बिक्री मिट्टी के भाव करने को विवश हो गए। कर्ज में डूबे किसान परेशान होकर जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं। काफी संख्या में किसानों ने इस बार आलू की फसल नहीं बोई है।
जिला आलू उत्पादन का हब बन चुका है। 65 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में आलू की फसल बोई जाती है। जिले में आलू की बंपर पैदावार का परिणाम है कि कोल्ड स्टोरेजों की संख्या भी158 तक पहुंच गई। इनकी भंडारण क्षमता 14 लाख मैट्रिक टन से अधिक है।
मगर अब बाजार में भाव नहीं मिलने का ही नतीजा है कि फिरोजाबाद में कोल्ड स्टोरेज संचालक मिट्टी के भाव पर आलू बेचने को मजबूर हो गए हैं। किसानों को अबकी आलू की फसल से कुछ भी नहीं मिला। तमाम किसानों को घर से लाकर पैसा देना पड़ा। ऐसे हालात से परेशान किसानों पर कर्ज का काफी बोझ बढ़ा है। बड़े किसान दिल्ली, मुंबई, सूरत और मध्य प्रदेश तथा लखनऊ तक की मंडियों में दौड़ लगाने को विवश हुए हैं। परंतु इन मंडियों में भी किसानों को भाव नहीं मिल सका।
कर्ज में डूबे किसान सतीश द्वारा तमंचे से गोली मार कर आत्महत्या करने के बाद गांव में शोक छा गया। परिवार की महिलाओं का करुण क्त्रस्ंदन गांव के शांत वातावरण को चीर रहा था। दुखद घटना के बाद गांव में एक भी चूल्हा नहीं जला। छीछामई में रुक-रुक कर परिवार की महिलाओं की चीत्कारों से गांव का शांत वातावरण द्रवित हो उठता। किसान द्वारा उठाये गये कदम से गांव के अन्य लोग भी सकते में आ गये हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ज्यादातर किसान आलू की फसल में नुकसान की मार से पीड़ित हैं। विगत तीन वर्षों से आलू की फसल में हो रहे घाटे से ज्यादातर लोग कर्ज में डूब गए हैं। इस बार भी आलू की फसल दो दिन पूर्व हुई बारिस और ओलावृष्टि से खराब हो गई है। जहां किसानों को उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है वहीं प्राकृतिक आपदा भी किसानों पर कहर बन कर टूट रही है। जिससे किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर होता जा रहा है। किसान सतीश द्वारा आत्महत्या करने के बाद गुरुवार को गांव में चूल्हे नहीं जले।
राष्ट्रीय किसान नौजवान संगठन के जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव के अनुसार गत दिनों हुई बेमौसम बरसात के कारण जिले में कई जगहों पर किसानों की सरसों,गेहूं और आलू की हजारों बीघा फसल बर्बाद हो गई। जबकि आरोंज के किसान रामसेवक की दुधारू गाय आकाशीय बिजली गिरने के कारण काल का ग्रास बन गई। उन्होंने बताया कि आलू की फसल बर्बाद होने पर लठपुरा निवासी किसान छविनाथ की मौत हो चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की जगह जांच कराने की बहानेबाजी कर रहा है। किसान नेता के अनुसार ओलावृष्टि व बरसात से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा प्रभावित किसानों को नहीं दिलाने की स्थिति में संगठन सडकों पर उतर कर शासन-प्रशासन के विरूद्व आंदोलन छेडने को बाध्य होगा।