फिरोजाबाद। सोमवार को महापौर से मिलने वाले पार्षदों ने जब यह कहा कि सफाई कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं तो महापौर नूतन राठौर ने एक आदेश जारी कर दिया कि वार्डों के पार्षद क्षेत्र में काम करने वाले सफाईकर्मियों की हाजिरी का सत्यापन करेंगे। इस पर सफाईकर्मी भड़क गए। आदेश के संदर्भ में मंगलवार को महापौर से वार्ता करने उनके कक्ष में पहुंचे। आरोप है कि महापौर ने उनकी बात सुने बिना कक्ष से बाहर निकाल दिया। इस पर कर्मचारियों ने नगर निगम में ही नारेबाजी शुरू कर कामबंद हड़ताल का ऐलान कर दिया है। बुधवार से सफाई कार्य ठप रखा जाएगा।
सोमवार को मुस्लिम क्षेत्र के पार्षदों ने सफाई कर्मचारी के सुबह नौ बजे आने और 11 बजे चले जाने की शिकायत की थी। मेयर नूतन राठौर ने आदेश किया था कि सुबह सात बजे और दोपहर दो बजे पार्षद हाजिरी सत्यापन करेंगे और उसके बाद ही कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा। इस आदेश के विरोध में निगम के सभी संगठन से जुड़े प्रतिनिधि दोपहर करीब चार बजे मेयर नूतन राठौर से उनके कक्ष में वार्ता करने पहुंचे थे। सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष रामनाथ आजाद ने कहा कि पूरे प्रदेश में कहीं यह नियम नहीं है कि पार्षद हाजिरी सत्यापित करें।
सुपरवाइजरों ने कहा कि जब हमें हाजिरी सत्यापन का अधिकार नहीं है तो हमारे रजिस्टर भी जमा कर लो। यह सुनते ही मेयर ने सभी कर्मचारियों को कक्ष से बाहर निकलने का आदेश दिया, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। नगर निगम प्रांगण में कर्मचारियों ने बैठक कर निर्णय लिया कि मेयर के इस तरह बार-बार अपमानित करने का खुल कर विरोध करेंगे। बैठक में तय किया कि बुधवार से कामबंद हड़ताल की जाएगी। कोई सफाई कर्मचारी काम नहीं करेगा।
शहर में कहीं कूड़ा उठाने का काम नहीं होगा। नगर निगम कार्यालयों में तालाबंदी की जाएगी। इसके बाद माइक से पूरे शहर में बुधवार को हड़ताल की घोषणा कराई गई। इस मौके पर जेपी बघेल, छकौड़ीलाल, तनवीर अहमद, अशोक वाल्मीकि, रामनाथ आजाद, इब्राहिम खाकसार, पवन वाल्मीकि, विजय बाबू आदि मौजूद थे।