सौंख (मथुरा)। बछगांव-सौंख मार्ग पर पड़ने वाली बछगांव माइनर का पुल काफी समय से जर्जर है। पुलिया के दोनों ओर रेलिंग नहीं है और बीच में कई स्थानों पर पुलिया में छेद हो गए हैं। पुलिया पर होकर प्रतिदिन सैकड़ों छात्र निकलते हैं। इससे कभी भी हादसा हो सकता है।
दो दर्जन गांवों को जोड़ने वाला बछगांव माइनर का पुल अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। पुलिया के दोनों ओर की रेलिंग टूट गई है। बीच में कई स्थानों पर पुलिया क्षतिग्रस्त है। पुल से 24 से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन रहता है। प्रात: छोटे-छोटे बच्चे सौंख के स्कूलों में पढ़ने के लिए इसी पुलिया से होकर जाते हैं। अभिभावकों को हमेशा बछगांव माइनर में बच्चों के गिरने का भय लगा रहता है।
राष्ट्रीय जाट एकता संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण चौधरी का कहना है कि अक्सर देर रात को किसानों कोपुल के उस पार जाना पड़ता है। कभी भी रात में भयंकर हादसा हो सकता है। कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। सहकारी समिति बछगांव के पूर्व अध्यक्ष कृष्णवीर सिंह, बलजीत सिंह, चंद्रपाल सिंह, प्रताप सिंह, दिनेश सिंह, राजवीर सिंह, बॉबी कुमार, पप्पू पहलवान, सत्याभान सिंह आदि ने डीएम से जर्जर पुलिया का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है।
माइनर की टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी
सौंख (मथुरा)। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की की मनमानी के चलते पिछले कई माह से बछगांव माइनर में टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे टेल की ओर के दो दर्जन गांवों के किसानों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर नगला आशा निवासी गोविंद सिंह ने तहसील दिवस में शिकायत की है।