मैनपुरी। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर 23 दिसंबर को किसान सम्मान दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान जिले के 30 किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा, लेकिन इसके बीच किसानों की फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है। आज भी वे दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उनकी न तो कोई सुनवाई होती है और न ही सही जानकारी दी जाती है।
सरकार की ओर से किसानों के लिए कई प्रकार की योजनाएं संचालित हैं। किसानों के सम्मान के लिए किसान दिवस का आयोजन भी किया जाता है, लेकिन इतना सबकुछ होने के बाद भी किसान उपेक्षाओं का शिकार हो रहे हैं।
हाल की बात करें तो हर रोज किसान ऋण मोचन योजना के तहत जानकारी करने के लिए विभागों के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें न तो बैंक सही जानकारी दे रही हैं और नहीं उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
देखें तो किसानों के लिए सरकार कई प्रकार की योजनाएं चला रही है। इनमें कई योजनाओं के बारे में किसानों को जानकारी भी नहीं है। 2022 तक किसानों की आय बढ़ाने के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके अंतर्गत दो चरणों में 160 गांव के किसानों को 10 दिन तक प्रशिक्षण दिया गया।
इस दौरान किसानों को खेती करने के गुर भी सिखाए गए। गेहूं की फसल बोने के लिए किसानों को अनुदान दिया जाता है। इस वर्ष गेहूं बीज की कीमत 3100 रुपये रखी गई। वहीं 50 फीसदी का अनुदान दिया गया।
इसके अलावा खेती से जुड़े यंत्रों, अन्य फसलों के बीज पर अनुदान, केसीसी के तहत कम ब्याज पर ऋण, फसल बीमा योजना, पशु बीमा योजना जैसी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।