एटा। नगर में बनने जा रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की गेंद अब प्रमुख सचिव के पाले में पहुंच गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनल मुहर के लिए फाइल प्रमुख सचिव के पास है। फाइल पास होते ही कार्यदायी संस्था नगर में पाइप लाइन डालने का काम शुरू कर देगी। वहीं मानपुर में बन रहे प्रमुख पंपिंग स्टेशन की जगह पर चहारदीवारी का काम पूरा हो चुका है।
पिछले वर्ष 24 दिसंबर को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जवाहर तापीय विद्युत परियोजना स्थल के शिलान्यास के वक्त नगर में 223 करोड़ रुपये की लागत से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की आधार शिला रखी थी। जल निगम के अंतर्गत बन रहे प्रोजेक्ट के लिए कई प्रक्रियाओं से गुजरकर अब फाइल प्रमुख सचिव के पास पहुंच गई है। प्रमुख सचिव की मुहर के बाद नगर में पाइप लाइन डालने का काम शुरू हो जाएगा। बताया जाता है कि नगर में 20 किमी लंबी सीवर लाइन के लिए चार छोटे पंपिंग स्टेशन बनेंगे। जबकि एक मुख्य पंपिंग स्टेशन मानपुर पर बनेगा। इसके लिए मानपुर पर चयनित की गई दो हेक्टेयर भूमि पर चारदीवारी करा दी गई है। साथ ही मेहता पार्क, विक्टोरिया पार्क, महिला थाना में बनने वाले छोटे पंपिंग स्टेशन को लेकर भी कवायद तेज हो गई है।
जल निगम के अधिशासी अभियंता एएस भाटी बताते हैं कि सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था की निविदाएं खोल ली गई हैं। अब कार्यदायी संस्था के चयन के लिए प्रमुख सचिव के आदेश का इंतजार है। आदेश मिलते ही शहर में पाइप लाइन डालने का काम शुरू हो जाएगा।
सीवर लाइन से जलभराव की समस्या से मिलेगी निजात
सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण होने के बाद नगर को जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी। पिछले कई सालों से सीवरेज प्लांट को लेकर कवायद चल रही है, मगर अब तक प्लांट धरातल पर नहीं उतर सका है।
अपशिष्ट पदार्थों से बनेगी जैविक खाद
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के मानपुर पर बन रहे पंपिंग स्टेशन में अपशिष्ट पदार्थों से जैविक खाद बनाई जाएगी। साथ ही पानी को खेती के लिए छोड़ा जाएगा। इससे फसल को भी लाभ मिलेगा।
ये हैं आंकड़े
223 करोड़ है प्रोजेक्ट की कुल लागत
17.58 करोड़ रुपये की पहली किश्त हो चुकी है आवंटित
2020 तक जल निगम को तैयार करना है प्लांट
02 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा मुख्य पंपिंग स्टेशन