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लक्ष्मीबाई आज भी महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत

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फिरोजाबाद/टूंडला। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई सन 1857 की प्रथम स्वाधीनता संग्राम की अमर नायिका थीं। उन्होंने अपने शौर्य पराक्रम और इच्छा शक्ति के बल पर अंग्रेजों से लोहा लिया। यह बातें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम के दौरान एबीवीपी के मुख्य वक्ता डा. प्रभाष्कर राय ने कही।
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उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मी बाई ने अंग्रेजों से लोहा लेते हुए उन्हें नाकों चने चबाने पर मजबूर किया था। मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक ऋतु गोयल ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई अपने अदम्य साहस और शौर्य के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने महिला होते हुए भी अंग्रेजों से लोहा लेने का काम किया था। रानी लक्ष्मीबाई आज भी महिलाओं के लिए प्रेरणाश्रोत हैं।

कार्यक्रम के अंत में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें एमएस स्कूल की सुरभि ने प्रथम, ओडीवी इंटर कालेज की अनुदिता शुक्ता और केन्द्रीय विद्यालय की अनुष्का आनंद को तीसरा स्थान मिला। पूनम कौशिक, अमित धाकरे, नीरज कुमार, मुस्कान शर्मा, विभाग प्रमुख सुधाकर शर्मा, नीटू शर्मा, मोहित कौशिक, तहसील सह संयोजक अमन शर्मा, मनोज वर्मा, निशा, मोहित दुबे और तरुण उपाध्याय मौजूद रहे। अध्यक्षता संजीव तोमर व संचालन रवि सक्सेना ने किया।
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