मैनपुरी। अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती कराने में बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग के ग्राम स्तरीय कर्मी लापरवाही बरत रहे हैं। जिससे एक एक परिवार में तीन्र-तीन बच्चे अतिकुपोषित हैं फिर भी उन्हें एनआरसी में भर्ती कराने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
अभिभावक बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने से मना करेंगे अथवा जो कर्मचारी शिथिलता बरतेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यह निर्देश डीएम यशवंत राव ने दिए।
डीएम ने बुधवार को राज्य पोषण मिशन के तहत कुपोषित बच्चों को निजात दिलाने के लिए गोद लिए ग्राम बडे़री, ईकरी में बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
नाराजगी जाहिर करते हुए कहा धरातल पर कोई सुधार नहीं दिख रहा है। लगातार तीन माह से नियमित निरीक्षण के बाद भी बच्चों की सेहत में सुधार नहीं हो रहा है। बरेड़ी में गत माह छह बच्चे अतिकुपोषित थे जिनकी संख्या बढ़कर अब आठ हो गई है। गांव के श्रीचंद्र के बच्चे सलोनी, अनमोल अतिकुपोषित एवं प्रवीन कुपोषित हैं।
ईकरी के यदुराज के काजल और रवि अतिकुपोषित हैं। इन बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश के बाद भी भर्ती नहीं कराया गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी से कहा अभिभावक सहयोग नहीं कर रहे हैं।
डीएम ने पाया आरबीएस टीम द्वारा बड़ेरी के आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकृत 52 में से 32 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण, ईकरी के केंद्र के 35 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। सीएमओ डा. अरविंद गुप्ता, डीपीओ अरविंद कुमार, डीपीआरओ सुरेशचंद्र मिश्रा, बीएसए विजय प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।