आगरा। एसएन मेडिकल कालेज और आगरा ब्रांच एसोसिएशन आफ फिजीशियन आफ इंडिया की ओर से होटल अमर में संक्रमित मरीजों के इलाज पर संगोष्ठी हुई। इसमें एड्स के बढ़ते मरीज और शतप्रतिशत इलाज न कराए जाने पर विशेषज्ञों ने चिंता जताई।
मुख्य अतिथि डा. एसके शर्मा ने एड्स और डायबिटीज के मरीजों में टीबी होने पर इनके इलाज में बरती जाने वाली सावधानी पर प्रकाश डाला। सोसाइटी सचिव एसएन कालेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा. पीके माहेश्वरी ने बताया कि एड्स के बढ़ते मरीज चिंता का विषय हैं। देश में इस समय 21 लाख मरीज एचआइवी से ग्रसित हैं। चिंता का विषय है कि मात्र 43 फीसदी ही इलाज करा रहे हैं, बाकी के इलाज को नहीं पहुंचते।
हर साल 86 हजार नए मरीज आते हैं। हर साल 68 हजार की दम तोड़ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के साउथ ईस्ट एशिया के रीजनल आफिस में एचआइवी के समन्वयक डा. बीबी रेबारी ने एचआईवी जल्दी जांच और संक्रमित से बचाव पर व्याख्यान दिए।
डा. एमपीएस चावला ने कहा कि एड्स के मरीजों में टीबी का इलाज जटिल प्रक्रिया है। डा. डीएन गुप्ता, डा. सुभाष चंद्रा, डा. एसपी चौहान, डा. डीपी अग्रवाल, डा. वीएन कौशल, डा. अशोक शिरोमणि, डा. तरुण सिंघल, डा. मृदुल चतुर्वेद, डा. एससी जैन रहे।