मैनपुरी। दीवानी परिसर में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को न्यायिक अधिकारियों ने 2983 मामलों का निस्तारण कराया। इनमें 1474 मामलों में 454380 रुपये जुर्माना वसूला गया। समझौते के आधार पर वाहन दुर्घटना के 14 मामलों में पीड़ितों को 53.10 लाख रुपये मुआवजा दिलाया गया। बिजली विभाग के मामलों में अधिकारियों ने 1.96 लाख रुपये वसूल किए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला जज उमेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें मोटर दुर्घटना के आठ मामलों में जिला जज उमेश कुमार शर्मा ने 32.65 लाख रुपये, एफटीसी जज आनंद कुमार यादव ने एक मामले में 5.75 लाख रुपये, स्पेशल जज रेनू राव ने एक मामले में 4.50 लाख रुपये, अपर जिला जज लालचंद ने दो मामलों में 10.20 लाख रुपये, स्पेशल जज प्रदीप कुमार ने दो मामले निस्तारित कर पीड़ितों को मुआवजा दिलाया। जिला जज ने सिविल के दो, एफटीसी जज तैयब अहमद ने पारिवारिक विवाद के तीन, रेनू राव ने पांच प्रकीर्ण मामले निस्तारित किए। एफटीसी जज आनंद कुमार ने चार मामलों में 2000 रुपये, स्पेशल जज लालचंद्र ने बिजली विभाग के 50 मामलों में 196500 रुपये जुर्माना वसूला।
विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि सीजेएम तरुण कुमार सिंह ने 975 मामलों में 69680 रुपये, एसीजेएम अनिल कुमार ने 310 मामलों में 52680 रुपये, एसीजेएम ब्रजेश कुमार ने 114 मामलों में 25520 रुपये जुर्माना वसूला। सिविल जज उमेश कुमार ने 34, सिविल जज हरीराम ने तीन, सिविल जज सोनिका वर्मा ने पांच मामले समझौते से निपटाए। लोक अदालत में डीएम ने छह, एडीएम ने तीन, राजस्व अधिकारी ने 11, एसडीएम सदर ने 164, भोगांव ने 314, करहल ने 76, किशनी ने 105, घिरोर ने 158, कुरावली ने 20, तहसीलदार सदर ने 15, भोगांव ने 31, करहल ने 38, किशनी ने 38, घिरोर ने 12, कुरावली ने 20, सहायक आयुक्त स्टांप ने सात, एआरटीओ ने 17, जिला वन अधिकारी ने 62 मामले निपटाए। प्राधिकरण सचिव अजय कुमार सिंह की पीठ की देखरेख में बैंकों ने 277 मामलों में 1.26 करोड़ रुपये के समझौते करके 30.28 लाख रुपये वसूल किए।
लोक अदालत के निर्णय को कहीं चुनौती नहीं
लोक अदालत में मामले आपसी समझौते से मामले निपटाए जाते हैं, इनके निर्णय को चुनौती नहीं दी जा सकती है। आपसी विवादों को समझौते से निपटाने की पहल करनी चाहिए।
यह बात जिला जज उमेश कुमार शर्मा ने पत्रकारों से कही। विश्राम कक्ष में उन्होंने कहा कि समाज के आम आदमी को जागरूक करने के लिए मीडिया की पहल की जरूरत है। लोक अदालत में जागरूकता से ही मामले निस्तारित हो सकते हैं। लोक अदालत में मामले निस्तारित करने के लिए न्यायिक अधिकारी भी पहल करें। छोटी सजा वाले मामले भी लोक अदालत में ही निस्तारित होने चाहिए।
मीडिएशन सेंटर में कराया समझौता
मीडिएशन सेंटर में एक दंपति के बीच समझौते के बाद उन्हें विदा कर दिया गया। सरोज निवासी मैथाना दतिया की शादी तीन मई 2015 को संजय आजाद निवासी हनूमानगढ़ी दतिया के साथ हुई थी। उसके पिता सैफई में नौकरी के दौरान करहल में रहते थे। जनवरी 2017 में संजय ने सरोज को घर से निकाल दिया। उसने मीडिएशन सेंटर की शरण ली।
पैरालीगल वालंटियर्स ब्रजमोहन और हरिश्चंद्र की पहल पर प्राधिकरण सचिव अजय कुमार सिंह, मध्यस्थ विजय कुमार मिश्रा की मौजूदगी में दंपति को सेंटर से विदा कर दिया गया।