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कीमत को लेकर मंडी में किसान गरजे

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मंडी में हुंकार भरते ‌क‌िसान - फोटो : अमर उजाला
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टूंडला (फिरोजाबाद)। गर्मियों के मौसम में पैदावार होने वाले संकर बाजरा को मंडी में बेचने आए किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों का आरोप था कि मंडी अढ़तिया बाजरा खरीद में मनमानी कर रहे हैं। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

पचोखरा क्षेत्र के किसान गर्मी के मौसम में बाजरा की फसल करते हैं। संकर बाजरा की फसल की अच्छी पैदावार होती है। शुक्रवार को तहसील क्षेत्र गांव रिजावली, कातिकी, बाघ्घई, नगला दल, नगला मुरली, घ्घिरौली, भदेवा, सदा का बांस, नगला सिकंदर समेत अन्य गांवों के किसान एटारोड स्थित मंडी में बाजरा बेचने के लिए पहुंचे थे।
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मंडी में बाजरा बेचने गए किसानों ने व्यापारियों (आढ़तियों) पर सही रेट न देने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। उनका आरोप था कि आढ़तियों ने गुरुवार को 1100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बाजरा खरीदा था। शुक्रवार को उन्हीं आढ़तियों द्वारा बाजरा 700 रुपये क्विंटल के हिसाब से खरीदा जा रहा था।

अनाज आढ़तियों की मनमानी को लेकर किसानों ने बाजरा बेचने से इंकार कर दिया। सूचना पर मंडी सचिव प्रदीप कुमार, इंस्पेक्टर जीसी सोलंकी मौके पर पहुंच गए। उन्होंन्ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया। मंडी सचिव का कहना है कि किसानों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
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उधर, बाजरा खरीद रहे आढ़तियों का कहना है कि जो बाजरा थ्रेसर से निकला हुआ आता है। उसे 1050 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। वहीं जो किसान मशीन से निकले बाजरा को लेकर बेचने आ रहा है। उसे 700 से 800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा जा रहा है। मशीन से निकला बाजरा गीला होता है। जिसे हर कोई खरीदने को तैयार नहीं होता है।
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