कासगंज। मंडी में नीलामी के माध्यम से हो रही गेहूं की खरीद ने किसान की मौज कर दी है। मंगलवार को समर्थन मूल्य से 65 रुपये क्विंटल अधिक के भाव पर गेहूं की बिक्री हुई। इससे गेहूं की कीमत मंडी में 2080 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई, लेकिन इसका असर सरकारी खरीद पर पड़ रहा है। सरकारी केंद्रों पर पर्याप्त आवक नहीं हो पा रही।
शासन से किसानों को गेहूं का अच्छा भाव दिलाने के लिए मंडी में नीलामी के माध्यम से गेहूं की बिक्री के निर्देश हैं। इसके तहत डीआरएमओ विजय शुक्ला और मंडी सचिव शैलेंद्र कुमार ने मंडी पहुंचकर गेहूं की नीलामी कराई। नीलामी के माध्यम से मंडी में गेहूं की हो रही बिक्री से भाव में लगातार उछाल आता जा रहा है। पांच दिन पहले तक मंडी में गेहूं का भाव 2050 रुपये क्विंटल था। इसमें 15 रुपये क्विंटल तक का उछाल आ गया। गेहूं की कीमतों में आ रही लगातार तेजी से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। वे केंद्रों पर अपना गेहूं ले जाने के स्थान पर मंडी में अपना गेहूं बेचने के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं।
केंद्र संचालन में मंडल में पहले स्थान पर है जिला
डीआरएमओ विजय कुमार शुक्ला का कहना है बाजार में अच्छा भाव होने से क्रय केंद्रों पर खरीद प्रभावित है, लेकिन मंडल में केंद्र संचालन में जिला पहले स्थान पर चल रहा है। अब तक 52 केंद्रों में से 44 केंद्रों पर खरीद शुरू हो चुकी है। जल्द ही सभी केंद्रों पर खरीद शुरू हो जाएगी। लक्ष्य को पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।