फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इकलौते बेटे की मौत के सदमें में पिता ने भी तोड़ा दम

विज्ञापन
विज्ञापन
किशनी। कोरोना संक्रमण से इकलौते बेटे की मौत का सदमा पिता बर्दाश्त नहीं कर सका। बेटे की मौत के कुछ घंटों बाद ही पिता ने भी दम तोड़ दिया। शनिवार को एक साथ दोनों की चिताएं जलीं तो हर आंख नम हो उठीं।
विज्ञापन

क्षेत्र के गांव इलाबांस निवासी रिंकू यादव पुत्र रामशरन यादव क्षेत्र के नगला देवी स्थित प्राथमिक में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। कुछ दिन पहले वे कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां शुक्रवार को उपचार के दौरान रिंकू ने दम तोड़ दिया। इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनकर पिता रामशरन सदमे में आ गए। बेटे की मौत के कुछ घंटों बाद ही पिता ने भी शुक्रवार की रात दम तोड़ दिया। रामशरन भी कोरोना संक्रमित थे और होम आइसोलेशन में थे। शनिवार को एक साथ पिता-पुत्र की चिताएं जलीं तो हर कोई दुखी हो उठा।
वहीं गांव कृपालपुर निवासी हरदत्त दुबे की पुत्री आराधना दुबे कंपोजिट विद्यालय किशनी में शिक्षिका थीं। कुछ दिन पहले वह कोरोना संक्रमित हो गई थीं। शुक्रवार को कानपुर में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। परिजनों के अनुसार बेटी की मौत की खबर सुनकर पिता हरदत्त दुबे को हृदयाघात आ गया और उनका निधन हो गया। बेटी की अंत्येष्टि कन्नौज स्थित उसके ससुराल में हुई तो वहीं पिता का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव कृपालपुर में किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें