मैनपुरी। गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट सबसे बड़ी समस्या है। इस समस्या से निपटने के लिए पंचायत राज विभाग ने एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। इसके तहत अगर कहीं भी तीन दिन हैंडपंप खराब रहा तो पंचायत सचिव और प्रधान पर गाज गिरेगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में सरकारी हैंडपंप इस उद्देश्य से लगवाए गए हैं, कि लोगों को पीने का पानी मिल सके, लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी उन्हें पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है।
कहीं हैंडपंप खराब पड़े हैं तो कहीं गायब ही हो चुके हैं। इसी के चलते अब जिला पंचायत राज विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। इसके तहत अगर किसी भी ग्राम पंचायत में कोई हैंडपंप तीन दिन से अधिक खराब रहा तो ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस कदम के पीछे प्रशासन का उद्देश्य जल्द से जल्द खराब हैंडपंपों को सही कराना है। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों में पत्र भी जारी कर दिया गया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने सभी ग्राम पंचायत सचिवों से उनकी ग्राम पंचायतों में स्थापित कुल हैंडपंप, क्रियाशील हैंडपंप और खराब हैंडपंप का डाटा मांगा है, जो हैंडपंप खराब हैं, उनमें ये भी बताना होगा कि वे रीबोर होने की स्थित में हैं या फिर उनमें छोटी मोटी कोई कमी है। ये डाटा तैयार करने के बाद गांवों का निरीक्षण कर हकीकत परखी जाएगी।