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कंठ प्यासा, अधिकारी दे रहे दिलासा

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कंठ प्यासा, अधिकारी दे रहे दिलासा - फोटो : amar ujala
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मैनपुरी-बेवर। गर्मी आते ही पानी की किल्लत बढ़ने लगी है। लोगों के गले तर होना तो दूर की बात, यहां तो हैंडपंप खुद ही प्यासे हैं, जो हैंडपंप सही भी हैं, उनमें गंदा पानी निकल रहा है। ऐसे में लोगों को गर्मी में पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। नगर पंचायत प्रशासन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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हर बार नगर में गर्मियों में पेयजल संकट गहराने लगता है। पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के लिए पानी की टंकी के अलावा 399 हैंडपंप भी लगवाए गए हैं, लेकिन इनमें से 70 से 80 हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। वहीं सात हैंडपंप ऐसे भी हैं, जिन्हें रीबोर कराया जाना है। वार्ड नंबर एक मरकिचिया में लगे तीन हैंडपंप महीनों से खराब हैं। कई बार वार्ड के लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन को लिखित प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन आज तक हैंडपंप सही नहीं हो सके।

यह केवल एक वार्ड की समस्या नहीं है, ऐसे ही मोहल्ला ब्रह्मनान पूर्वी और पश्चिमी में लगे हैंडपंपों का हाल है, जिनमें से दूषित पानी आ रहा है। लोगों को एक ही हैंडपंप पर पानी के लिए लाइन लगानी पड़ती है। सुबह होते ही पानी की किल्लत शुरू हो जाती है। सबसे अधिक परेशानी तो उन लोगों को होती है जो पानी भरने के लिए धूप में खड़े होकर इंतजार करते हैं।
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नगर पंचायत प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ये तो सभी जानते हैं कि गर्मियों में पानी की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में सवाल ये भी है कि आखिर नगर पंचायत प्रशासन ने पहले खराब हैंडपंप को सही कराने की पहल क्यों नहीं की।
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