क्या हैट्रिक लगाने में कामयाब होंगे राजवीर सिंह
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एटा। कहने को तो जिले में तीन संसदीय क्षेत्र आते हैं। तीन-तीन सांसदों से घिरे जिले को फिर भी विकास की आस है। तीन सांसदों वाले जिले में रेल विस्तार के लिए आज भी मांग हो रही है। इसका कारण है किसी भी सांसद पर एटा के लोगों से मिलने की फुरसत नहीं है। एटा लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजवीर सिंह का आवास अलीगढ़ में है। जबकि फर्रुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत भी वहीं रहते हैं। आगरा सांसद भी जब कभी जलेसर आते हैं। ऐसे में लोगों को अपने सांसद से मिलने के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ता है। जिले में एटा, फर्रुखाबाद और आगरा संसदीय क्षेत्र आते हैं। एटा ऐसा जिला है जहां तीन सांसदों के संसदीय क्षेत्र हैं, लेकिन फिर भी जिले में विकास सिमटा हुआ है।
राजवीर के आवास बने, लेकिन मौजूदगी कम
एटा लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजवीर सिंह ने एटा और कासगंज में अपने आवास बनाए हुए हैं, लेकिन यहां वह रहते नहीं हैं। वे अधिकतर अलीगढ़ में रहते हैं। कोई विशेष प्रयोजन या कार्यक्रम होने पर ही वे यहां आते हैं। ऐसे में लोग उनसे मिल नहीं पाते। आलम यह है कि जब भी सांसद आते हैं, तो सीमित समय के लिए आते हैं। इसके चलते जनता मिलने को आतुर रहती है।
मुकेश का बसेरा फर्रुखाबाद में
फर्रुखाबाद संसदीय क्षेत्र में पड़ने वाली अलीगंज विस में भी सांसद से लोग काफी दूर हैं। यहां भी सांसद का कोई आवास नहीं है। सांसद जब कभी क्षेत्र में आते हैं, तो लोग उनसे मिलते हैं। वहीं कार्यक्रमों की व्यस्तता के चलते भी वह जनता से मिल नहीं पाते।
जलेसर में भ्रमण तक सिमटी कवायद
आगरा संसदीय क्षेत्र में पड़ने वाली जलेसर विस का हाल भी कुछ ऐसा ही है। यहां के सांसद का आवास आगरा में है। वह भी क्षेत्र के भ्रमण पर कार्यक्रम के दौरान आते हैं। कार्यक्रम किया और तुरंत वापस। उनसे मिलने के लिए लोगों को या तो प्रतिनिधि पर निर्भर रहना पड़ता है या मिलने के लिए आगरा दौड़ लगानी पड़ती है।
ये दूरी सही नहीं जाती
सांसदों के जिले में रुकने का मामला पहले भी कई बार उठ चुका है। गाहे बगाहे लोग भी सांसद से दूरी को लेकर अपना रोष जताते हैं। लोगों का कहना है कि सांसद जिले में रुकें, तो जनता की समस्याओं को सुनें। लोग स्थानीय प्रतिनिधि को सांसद बनाने की सोच रहे हैं।