कासगंज। न्यौली चीनी मिल में भाप के दबाव के कारण बॉयलर के नौ पाइप ध्वस्त हो गए हैं। इससे पेराई के लिए भाप का दबाव नहीं बन पा रहा। ऐसे में पेराई रुक गई है। इधर, गन्ना खरीद रुकने से किसानों का आक्रोश भड़क रहा है। भारतीय किसान यूनियन ने न्यौली चीनी मिल प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द मिल की खराबी दूर नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
जिले में 11552 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती हुई है। लक्ष्य 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में खेती का था, लेकिन पुराना बकाया भुगतान न होने पर इस वर्ष खेती का क्षेत्रफल कम ही रहा। पुराना भुगतान होने के बाद चार दिसंबर से नया पेराई सत्र शुरू हुआ तो गन्ने की खरीद शुरू हुई। किसान उत्साहित हो गए, लेकिन शुरूआत से ही न्यौली चीनी मिल ने धोखा दे दिया। बार-बार चीनी मिल बंद हो रही है।
चक्का घूमने के साथ ही बॉयलर भाप बनाना बंद कर देता है। मिल के संसाधन काफी पुराने होने के कारण जवाब दे रहे हैं। भाप के दबाव से इस बार बॉयलर के नौ पाइप फट गए हैं। इससे भाप नहीं बन पा रही और पेराई नहीं हो रही। पेराई ठहर जाने के कारण गन्ना खरीद रुक गई है।
खेतों में गन्ने की फसल खड़ी है। ऐसे में किसान परेशान हैं और मिल प्रशासन बेबस। किसानों की समस्या को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन लामबंद हो गई है। किसान यूनियन ने चेतावनी दी यदि जल्द मिल की खराबी दूर नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
इधर, डीएम आरपी सिंह की सख्ती के बाद गन्ना विभाग न्यौली चीनी मिल पर दबाव बनाए है। मिल प्रशासन जल्द ही मिल की खामी दूर करने का दावा कर रहा है।
बघेला में पहुंचे किसान नेता
कासगंज। भारतीय किसान यूनियन के अलीगढ़ मंडल अध्यक्ष कुलदीप पांडे, मंडल उपाध्यक्ष श्यामवीर सिंह, जिलाध्यक्ष आशीष पांडे सहित तमाम किसान नेता गांव बघेला पहुंचे। यहां नेताओं ने गन्ना किसानों के साथ चर्चा की। किसान मंडल अध्यक्ष ने कहा कि किसान परेशान न हों। दूसरी मिल को गन्ना आंवटित कराने के लिए किसान यूनियन आंदोलन करेगी।