जलेसर। बढ़ती शीतलहर और कोहरा से पटना पक्षी विहार में प्रवासी पक्षियों का कलरव बढ़ गया है, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते सैलानियों की संख्या में काफी गिरावट आई है।
पक्षी विहार पर तैनात सुरक्षा प्रहरी ओपी बघेल और शीलेंद्र सिंह बताते हैं कि कई साल बाद हिमालय, साईबेरिया, तिब्बत, लद्दाख, चीन से पेलिकन और सुर्खाव पक्षी झील में जलविहार कर रहे हैं।
इनकी संख्या सौ से ऊपर है, लेकिन पक्षी विहार में अव्यवस्थाओं के चलते पर्यटकों की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा है। इस बार पिछले साल के मुकाबले आधे पर्यटक भी नहीं पहुंचे हैं। इससे राजस्व का घाटा भी हो रहा है।
नहीं हुए विकास कार्य
पक्षी विहार में बीते कई साल से विकास कार्य नहीं हुए हैं। पुराने निर्माण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। विशाल झाड़ी में सफाई न होने से पर्यटक पक्षी विहार से दूरी बनाए हैं।
स्टाफ का अभाव
करीब 125 एकड़ में फैले पक्षी विहार की सुरक्षा के लिए एक वन दरोगा व दो अन्य सुरक्षा कर्मी ही तैनात हैं। दो अन्य प्राइवेट कर्मचारियों से दैनिक भत्ते पर सुरक्षा, टिकट बेचने व सरकारी कार्यों को पूर्ण करने की जिम्मेदारी है।
पर्यटक न बढ़ने के पीदे मनचले भी
पक्षी विहार युगल जोड़ों के लिए रमणीक स्थान है, लेकिन यहां स्थानीय अराजक तत्व, मनचले उन्हें परेशान करते हैं। सुरक्षा गार्ड बाहरी होने कारण उनसे ज्यादा कुछ नहीं कह पाते है।
स्थानीय पुलिस हो तैनात
भाकियू भानू के जिलाध्यक्ष सतेंद्र सिंह, युवा इकाई को जिलाध्यक्ष विक्की ठाकुर, युवा इकाई के मंडल महासचिव लखन यादव आदि ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए वन पुलिस के साथ स्थानीय पुलिस की भी तैनाती की मांग की है।