एटा। केंद्रीय और राज्य कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर है। इसके चलते जिले में हड़ताल का पूरा असर देखने को मिला। बैंकों की हड़ताल होने से कैश की किल्लत रहीं। उपभोक्ता भटकते रहे। वहीं डाकघर में आंशिक रूप से हड़ताल रही। कर्मचारियों ने मनमाने तरीके से कार्य किया, कभी काउंटर पर बैठे तो की भी खिड़की बंद कर दी गई। इससे रजिस्ट्री, आधार कार्ड और लेनदेन प्रभावित रहा। पीडब्ल्यूडी में कर्मचारियों ने कलमबंद हड़ताल रखी। किसी भी कर्मचारी ने कार्य नहीं किया। बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने भी हड़ताल रखी। इससे आम आदमी का कार्य नहीं हो सका।
आउट सोर्सिंग प्रथा का किया विरोध
उप्र लोक निर्माण विभाग मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष इशरत अली खां ने बताया है कि पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों ने अखिल भारतीय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर आउट सोर्सिंग प्रथा को खत्म करने को लेकर हड़ताल की है। सरकार से मांग है कि विभाग में नियमित भर्ती की जाए और आउट सोर्सिंग प्रथा समाप्त करनी होगी। इसको लेकर दो दिवसीय कलमबंद हड़ताल रखी जाएगी। 21 फरवरी को नई दिल्ली जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन में भी सहभागिता करेंगे। इनके यहां हड़ताल में क्षेत्रीय अध्यक्ष अलीगढ अरविन्द सिंह, रंजीत सिंह, रामबरन सिंह यादव, साहब सिंह, सुशील कुमार, अमिर अली खां, अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
केंद्र की श्रमिक विरोधी है नीतियां
भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों ने अलीगढ़ डिवीजन इंश्योरेंस एंपलाइज एसोसिएशन के बैनर तले हड़ताल पूर्ण रूप से रखी। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर और सचिव आशीष शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियां हैं। जिसके चलते बेरोजगारी, मंहगाई और बढ़ती आर्थिक असमानता के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल करनी पड़ रही है। इनके यहां रनवीर सिंह, संजीव कुमार, दिलीप वर्मा, उमेश मिश्रा, ओमकाकर, राजपाल, जेपी सिंह, अरूण भटेले, सुरेंद्र कुमार, विवेक कुमार आदि मौजूद रहे।
सरकार ने वेतन और भत्तों पर किया कुठाराघात
डाकघर में ग्रुप सी के कर्मचारियों ने आल इंडिया पोस्टल एंपलाइज यूनियन तथा आल इंडिया पोस्टल एंपलाइज यूनियन पोस्टमैन एमटीएस उप्र परिमंडल यानि दो बैनर तले हड़ताल की। जिसमें सचिव तरुण प्रकाश उपाध्याय और विनोद कुमार सिंह ने कहा है कि कांग्रेस सरकार ने पेंशन समाप्त कर दी और वर्तमान केंद्र सरकार ने वेतन और भत्तों पर कुठाराघाल किया है। इनकी मांग है कि पुरानी पेंशन बहाल करने, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने सहित कई शामिल हैं। हड़ताल में प्रेम कुमार, रामकृष्ण, गिरीश चंद्र दीक्षित, प्रेमपाल सिंह, सुशील कुमार, रामदास, संतोष कुमार, उमेश कुमार आदि रहे।
सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक विलय का विरोध
यूनाइटेड फोरम के माध्यम से बीईए के बैनर तले केनरा बैंक इंपलाइज यूनियन के साथ बैंक कर्मचारियों ने केनरा बैंक के सामने हड़ताल पर बैठकर सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों का विलय करने का विरोध किया। इसके साथ ही वेतन पुनरीक्षण, बड़े कर्जदारों की सूची सार्वजनिक, किसानों की ऋण माफी में दोहरा पैमाना न अपनाने जैसी प्रमुख मांगे रही। हड़ताल में अंकित यादव, विकास कुमार, अर्पित चौहान, आकाश प्रियदर्शी, स्कंद कुमार, सुशील कुमार, विमल आजाद, हरीश कुमार, विनीत आदि मौजूद रहे।
पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल हो
उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ लखनऊ के आह्वान पर यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन ने हड़ताल रखी। जिला मंत्री दीपक कुमार ने कहा है कि सरकार को पुरानी पेंशन बहाल करने, सातवें वेतन आयोग, आउट सोर्सिंग व्यवस्था बंद करने, चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी शासनादेश वापस लेने पर विचार करना होगा। ताकि कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रह सके। यहां हड़ताल पर पुष्पेंद्र सिंह, शिम्मी शुक्ला, अनिल भारद्वाज, राय सिंह, राजेन्द्र सिंह, श्याम सुंदर, सतीश चन्द्र, मुकेश कुमार, प्रेमपाल सिंह आदि रहे।
अवागढ़ में हड़ताल पर रहे बैंक कर्मी
अवागढ़। केंद्र सरकार के बैंकों को विलय करने के विरोध तथा वेतन वृद्धि की मांग को लेकर राष्ट्रीय कृति व ग्रामीण बैंक अवागढ़ के कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर रहे। कैनरा बैंक में भी कामकाज नहीं हुआ। दलवीर सिह, रानवीर, रोकश, प्रतीक, शैलेंद्र, अजीत पाराशर, सतीश, जय प्रकाश आदि शामिल रहे।