RTI act used to harass government officials in Gujarat
- फोटो : demo
एटा। एक ओर जन सूचना अधिकार के तहत लोगों को सूचनाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। वहीं दूसरी ओर जिले में सूचना आयोग और सूचना अधिकार की धज्जियां उड़ाई जा रही है। जन सूचना आयोग द्वारा अधिकारियों के खिलाफ दिए जाने वाले अर्थदंड के आदेश का जिले में मखौल उड़ाया जा रहा है। जिले में एक साल से अधिक समय बाद भी कई अधिकारियों से अर्थदंड की वसूली नहीं की है। इसे लेकर आरटीआई कार्यकर्ता एसोसिएशन से सूचना आयुक्त से शिकायत की है।
आरटीआई कार्यकर्ता एसोसिएशन जिलाध्यक्ष और बहादुरगढ़ निवासी सर्वेंद्र सिंह ने जिले के अधिकारियों से सूचना का अधिकार के तहत सूचनाएं मांगी थीं। हालांकि अधिकारियों ने सूचनाएं मुहैया नहीं कराईं। इसे लेकर सूचना आयुक्त के सामने अपील की गई और सूचना आयुक्त ने अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड को अधिकारियों के वेतन से तीन मासिक किश्तों में वसूल किया जाना था, लेकिन एक साल बाद भी अर्थदंड की वसूली नहीं की गई। जिलाध्यक्ष सर्वेंद्र सिंह ने बताया कि अर्थदंड की वसूली नहीं होने से सूचना का अधिकार कमजोर होगा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने सूचना आयुक्त से अधिकारियों के वेतन से अर्थदंड की वसूली कराने की मांग की है।
इन अधिकारियों पर लगा था जुर्माना
- सहायक विकास अधिकारी पंचायत शीतलपुर
- खंड विकास अधिकारी शीतलपुर
- जिला समाज कल्याण अधिकारी एटा
- जिला पंचायतराज अधिकारी एटा