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25 करोड़ के सड़क निर्माण घपले की जांच लखनऊ में फंसी

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डैमो
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मथुरा। 25 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क में हुए घपले की जांच लखनऊ में अटक गई है। सपा शासनकाल में हुए मथुरा सादाबाद रोड निर्माण में हुए घपले की जांच कर रही टीएसी पर उठी उंगलियों के बाद उच्च स्तरीय समिति गठित की थी।
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सपा शासन में 22 किलो मीटर लंबी मथुरा सादाबाद रोड का 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण हुआ था। निर्माण के चंद दिन बाद ही सड़क उखड़ गई थी। विधायक पूरन प्रकाश की शिकायत के बाद टेक्निकल ऑडिट सेल (टीएसी) से सुनील कुमार जांच के लिए आए थे। वह शहर में ठहरे, जहां उनसे सहायक अभियंता ब्रजेश चंद्र मिश्रा और बालकिशन चौहान ने मुलाकात की।

उक्त दोनों ही सहायक अभियंताओं की देखरेख में सड़क का निर्माण हुआ था। लिहाजा टीएसी की जांच संदिग्धता के घेरे में आ गई। टीएसी की जांच पर उठी उंगलियों के बाद इस मामले की शिकायत प्रमुख अभियंता विकास वीके सिंह से हुई। उन्होंने टीएसी को जांच से हटाते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया।
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जांच कमेटी ने 23 मई को सड़क निर्माण में हुए घपले की जांच शुरू की और निर्माण में प्रयोग हुई सामग्री के नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे। एक माह से भी अधिक का समय गुजर जाने के बाद लखनऊ की लैब में नमूनों की जांच नहीं हो पाई है।

मैनपुरी की कंपनी को मिला था सड़क निर्माण का ठेका
मथुरा। मथुरा-सादाबाद रोड के निर्माण का ठेका मैनपुरी की रिषीराज कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला था। यह कंपनी मैनपुरी के सदर क्षेत्र से सपा विधायक राजू यादव की बताई जाती है। राजू यादव वर्तमान में विधायक हैं।


‘मथुरा-सादाबाद रोड निर्माण की जांच के लिए गठित कमेटी में हमें भी शामिल किया गया था। सड़क निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री का नमूने जांच को भेजा गया है। लखनऊ की लैब में जांच पूरी नहीं हुई है। लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।’
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- केके सिंह राठौर चीफ इंजीनियर आगरा क्षेत्र।
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