धरने पर पंचायत अधिकारी, विकास कार्य अटके
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एटा। ग्राम पंचायतों के विकास पर जोर दे रही प्रदेश सरकार के राज में विकास कार्य अटक गए हैं। ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों के धरने पर जाने से सारी प्रक्रियाएं अधर में लटक गई हैं। आलम यह है कि जून माह का पखवाड़ा बीतने की ओर हैं, लेकिन अब तक ग्राम पंचायतों की कार्ययोजनाएं अपलोड नहीं हो सकी हैं। जिले की महज 15 ग्राम पंचायतों ने ही कार्ययोजना को प्लान प्लस पर अपलोड किया है। ऐसे में गांव में प्रस्तावित विकास कार्य अधर में हैं।
ग्राम पंचायतों की वार्षिक कार्ययोजना को प्लान प्लस पर अपलोड किया जाता है। इसमें पूरे साल में ग्राम पंचायत में कराए जाने वाले कामों का लेखाजोखा शामिल रहता है। इस बार शासन ने सभी जिलों को पत्र लिखकर 31 मई तक कार्य योजना को अपलोड कराने के निर्देश दिए थे, मगर अब तक काम सुस्त रफ्तार से चल रहा है। जिले में महज 15 ग्राम पंचायतों ने कार्ययोजना अपलोड कराई है। उधर, ग्राम पंचायत और विकास अधिकारियों के धरने के चलते ग्राम पंचायतों में विकास कार्य अटक गए हैं। ऐसे में पंचायती राज विभाग के आगे मुश्किल खड़ी हो गई है।
ये है अपलोडिंग का हाल
ब्लॉक ग्राम पंचायतें कार्ययोजना अपलोड
अलीगंज 93 00
अवागढ़ 54 00
जैथरा 67 04
जलेसर 57 00
मारहरा 59 03
निधौलीकलां 71 06
सकीट 92 02
शीतलपुर 83 00
सांसद को सौंपा ज्ञापन
ग्राम पंचायत और विकास अधिकारी समन्वय समिति के नेतृत्व में शनिवार को विकास भवन पर धरना दिया गया। इस दौरान अधिकारियों ने राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव को ज्ञापन सौंपा। सांसद हरनाथ सिंह ने कहा कि वे ग्राम पंचायत और विकास अधिकारियों की मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे। सांसद राजवीर सिंह राजू और मारहरा विधायक वीरेंद्र वर्मा को भी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। सुरेंद्र सिंह, सतेंद्र वर्मा, हर्षेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, एवरन सिंह, इमरान अली, संजय सिंह, ज्योति वर्मा, नम्रता, नरवेश, राघवेेंद्र मिश्रा, अवनेंद्र शर्मा मौजूद रहे।