मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने तूफान पीड़ित और डकैती पीड़ित परिवारों को 44 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की। यह राशि 10 मृतक आश्रित और 8 घायलों को यह सहायता दी गई। मुख्यमंत्री ने मृतक परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ है। किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
फरौली में मुख्यमंत्री सबसे पहले तूफान की आपदा में मृतकों के घर पहुंचे। उन्होंने तूफान की आपदा में गिरे घर को देखा। फरौली में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी। इसमें पति, पत्नी और पुत्रवधू शामिल थी। इसके अलावा तीन अन्य लोगों की तूफान में मौत हुई थी। गांव में तूफान पीड़ितों को एक ही जगह एकत्रित किया गया। जहां आश्रित परिवारीजनों को 4-4 लाख के चेक दिए गए। सुरेश के परिवारीजनों के अलावा अन्य आश्रितों को भी सहायता दी गई। डकैती की घटना में हत्या का शिकार हुए। चार मृतकों में चंद्रपाल सिंह, चंपा देवी, माया, रामदास के आश्रितों को भी 4-4 लाख के चैक प्रदान किए।
डकैती की घटना में घायल हुए लोगों में अखिलेश, ओमप्रकाश, रजनी, रचना, पूजा, राजकुमार, आरती, अजय कुमार के परिवारीजनों को 50-50 हजार रुपये के चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने डकैती के पीड़ित परिवारों से कस्तूरबा विद्यालय परिसर में मुलाकात कर ढांढस बंधाया और घटना पर दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि डकैती की घटना का पुलिस शीघ्र राजफाश करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके परिवारों की रक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवारों के बच्चों को भी खूब दुलारा। उनसे बातचीत की और स्कूल जाने आदि के संबंध में पूछा। सांसद राजवीर सिंह, पशु पालन मंत्री एसपी सिंह, प्रभारी मंत्री सुरेश पासी, बृज प्रांत के प्रदेश अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी, जिलाध्यक्ष पूर्णेंद्र सोलंकी, विधायक देवेंद्र राजपूत, देवेंद्र प्रताप, देवेंद्र सिंह लोधी, रवेंद्र पाल सिंह, एडीजी अजय आनंद, मंडलायुक्त अजय दीप सिंह, जिलाधिकारी आरपी सिंह, डीआईजी पीयूष श्रीवास्तव सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।