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80 मिनट की समीक्षा में अफसरों के हलक सूखे

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सीएम ने डीएम से सोरों के विकास का प्रस्ताव बनाने को कहा - फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
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जिले के सृजन को 10 वर्ष का समय हो चुका है, लेकिन यह पहला ऐसा मौका मंगलवार को हुआ जब किसी मुख्यमंत्री ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जिले के विकास कार्यों, कानून व्यवस्था और योजनाओं के क्रियान्वयन पर अधिकारियों से सीधी बात करते हुए समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने अधिकारियों को यह साफ संदेश दिया कि समस्याओं के निस्तारण में कोताही बरतने पर जवाबदेही तय होगी। योजनाओं को पूरा करने के लिए समय बद्धता और गुणवत्ता पर भी पूरा जोर दिया। 80 मिनट की इस बैठक में जिले के कई अधिकारी असहज नजर आए और अधिकारियों के हलक इन 80 मिनट में सूखे रहे।
सीएम योगी सवा बारह बजे कलक्ट्रेट सभाकक्ष में पहुंचे और उन्होंने समीक्षा बैठक शुरू की। सबसे पहले उन्होंने ग्राम स्वराज अभियान की समीक्षा की। जिलाधिकारी से सीधा सवाल करते हुए पूछा कि कितने गांव चिह्नित हुए हैं। इस पर डीएम ने 27 गांव चिह्नित कर सभी योजनाओं से संतृप्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने उजाला योजना के संबंध में पूछा तो जिलाधिकारी ने आंकड़ों के साथ इस संबंध में जानकारी दी। स्टैंडअप योजना के तहत केवल 4 लोगों को ऋण मिलने पर उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 52 लोगों का लक्ष्य निर्धारित है तो केवल 4 लोगों को ही लाभ कैसे मिला। किसानों के कर्ज मुक्ति के मामले में सीएम का रुख कड़ा नजर आया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फसल ऋण मोचन के मामले में अधिक शिकायतें आ रहीं हैं। 30 अप्रैल तक किसानों का ऋण माफ होना था क्यों नहीं हुआ?
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उन्होंने कहा कि जो बैंक इसमें आनाकानी कर रहीं और मामलों के सही निस्तारण नहीं कर रहीं हैं उनके विरुद्ध एफआईआर कराई जाए। सीएम ने बीएसए गीता वर्मा से सवाल करते हुए पूछा कि क्या बच्चों की किताबें आ गईं तो बीएसए ने कहा नहीं। फिर उन्होंने यूनीफार्म के संबंध में सवाल किया तो बीएसए ने बताया कि 10 मई को इसका पैसा आया है। सीएम ने कहा कि समयबद्ध तरीके से यह कार्य होना चाहिए। स्कूल चलो अभियान के बारे में भी जानकारी ली। गन्ना किसानों के भुगतान की स्थिति और बकाया के बारे में भी मुख्यमंत्री ने पूछा। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि गन्ना किसानों का भुगतान कराएं। विद्युत विभाग के अधिकारियों केा विद्युत बिलों में होने वाली गड़बड़ियों को दूर करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान सांसद और विधायकों ने विद्युत विभाग के बिलों की गड़बड़ी पर सीएम से शिकायत की। इस पर सीएम ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को चेताया कि निस्तारण में लापरवाही होने पर जवाब देही तय होगी। मुख्यमंत्री ने जनधन योजना, पेंशन, विद्युतीकरण, स्वच्छ भारत मिशन, राशन कार्ड, शादी अनुदान, गड्ढा मुक्ति, नवीनीकरण, चकबंदी, चिकित्सा, छात्रवृत्ति, खाद्य सुरक्षा, अमृत योजना, मृदा परीक्षण, अवैध अतिक्रमण पर विस्तार से समीक्षा की।
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