जीर्णशीर्ण हालत में प्राथमिक स्कूल सन।
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फिरोजाबाद। नए सत्र में स्कूल चलों के नाम पर रैलियां निकाली जा रही हैं जबकि गर्मी के दिनों परिषदीय स्कूलों का यह हाल है कि यहां न तो बिजली है और न ही पीने को पानी। जिले के 355 परिषदीय स्कूल ऐसे हैं जहां बिजली नहीं। ऐसे में बच्चों को पंखों की हवा तक नहीं मिल रही है। 394 स्कूलों में पानी का संकट है। परिषदीय स्कूलों पर करोड़ों रुपये का बजट खर्च करने के बाद भी व्यवस्थाएं खस्ताहाल हैं।
शहरी एवं देहात क्षेत्रों के करीब 395 परिषदीय स्कूलों में हैंडपंप खराब पड़े हैं। बच्चे पानी पीने का इंतजाम घर से करके लाते हैं। या फिर घर तक की दौड़ लगाते हैं। जिले के 355 परिषदीय स्कूल ऐसे हैं, जहां पर बिजली का कनेक्शन नहीं हैं। कुछ स्कूलों में पहले कनेक्शन था, मगर बिल न भरने के कारण कनेक्शन काट दिया गया। ऐसे में पंखे कबाड़े में पड़े हैं। जहां अधिकारी वातानुकूलित दफ्तरों में बैठते हैं, वहीं बच्चे भीषण गर्मी में बिना पंखे एवं पानी के पढ़ते हैं।
विभाग के आंकड़ों में सभी शौचालय ठीक हैं, मगर हकीकत में कई विद्यालयों के शौचालयों की स्थिति बदहाल बनीं हुई है। इससे स्कूल में पढने वाले छात्र छात्राओं को काफी परेशानी होती है।
स्कूलों में शौचालय निर्माण एवं सुधार के सख्त निर्देश है। वहीं पेयजल समस्या भी शिक्षक ग्राम प्रधान से मिलकर हल कर सकते हैं। जिन स्कूलों में विद्युत कनेक्शन नहीं हैं, उनमें कनेक्शन जल्द कराएंगे।
जिले में स्कूलों की स्थिति पर एक नजर
- प्राइमरी विद्यालय 1525
- जूनियर विद्यालय 627
- छात्र संख्या 1,48,000