फिरोजाबाद। बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा समितियों का गठन सिर्फ कागजों पर कर लिया। यही कारण है कि सिरसागंज के नगला नंदे के बाद टूूंडला के नगला झम्मन में मूर्ति तोड़ी गई। घटना के बाद क्या पुलिस प्रशासन सबक लेगा ताकि बाबा साहब की मूर्तियाें को सुरक्षित रखा जा सके।
जिले के दलित बाहुल्य बस्तियों में बाबा साहब डा.भीमराव आंबेडकर की मूर्तियां लगाई गईं थीं। आंबेडकर गांवों को प्रमुखता से मूर्ति लगवाई गई थी। जिले में मूर्तियों की संख्या 250 से अधिक है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में बाबा साहब की मूर्तियों को निशाना बनाए जाने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मूर्तियों की सुरक्षा का खाका खींच लिया था। एसएसपी डा.मनोज कुमार के निर्देशन में थाना प्रभारियों को बाबा साहब डा.भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों की सुरक्षा के लिए समितियों का गठन करने के निर्देश दिए थे।
समितियों में ग्राम प्रधान, चौकीदार के साथ बीट सिपाही, बाबा साहब के अनुयायी को शामिल करना था। हकीकत में देखें तो थानों में सुरक्षा समितियां सिर्फ कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए बनाई गईं। यही कारण है कि मूर्तियों की सुरक्षा नहीं हो पा रही। आंबेडकर अनुयाइयों का तर्क है कि यदि पुलिस प्रशासन सुरक्षा करता तो सिरसागंज के नगला नंदे के बाद टूंडला के नगला झम्मन में बाबा साहब की मूर्ति तोड़ने की घटना नहीं होती। आंबेडकर के अनुयायी सुरक्षा कर रहे हैं। लेकिन सामाजिक सदभाव प्रभावित करने वाले लोग हरकतें कर रहे हैं। एसएसपी डा.मनोज कुमार ने थानाध्यक्षों को हिदायत दी है कि वे अपने क्षेत्रों में स्थापित सभी मूर्तियों की सुरक्षा कराएं। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी।
थाना दक्षिण में सात, थाना उत्तर में चार, थाना रामगढ़ में 11, थाना रसूलपुर में 3, थाना लाइनपार में 2, थाना मटसेना में 10, थाना बसई मोहम्मदपुर में 1, थाना शिकोहाबाद में 7, थाना मक्खनपुर में 7, थानाखैरगढ़ में 7, थाना सिरसागंज 30, थाना नसीरपुर में 1, थाना नगला खंगर में 3, थाना जसराना में 9, थाना एका में 10, थाना फरिहा में 12, थाना टूंडला में 12, थाना पचोखरा में 11, थाना नारखी में 34 और थाना नगला सिंघी में दो मूर्तियां लगीं हैं।
बसपा के जोन कोआर्डिनेटर हेमंत प्रताप सिंह ने कहा है कि पुलिस प्रशासन को बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर मूर्तियों की सुरक्षा करें। उन्होंने बाबा साहब को चाहने वालों से आह्वान किया वे अपने क्षेत्रों में जागरुक रहकर मूर्तियों की सुरक्षा में सहयोग करें। ताकि आपसी भाईचारा प्रभावित करने वाले तत्वों के मंसूबे सफल न हों।