फिरोजाबाद। टीटीजेड की बैठक गुरुवार को मंडलायुक्त के. राममोहन राव की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सुहागनगरी की कांच इकाइयों को गैस देने का मुद्दा प्रमुखता से रखा गया। इसके बावजूद उद्यमियों को राहत नहीं मिल सकी।
टीटीजेड में जनवरी 2015 से कांच इकाईयों की स्थापना एवं क्षमता विस्तार पर बैन लगा हुआ है। उद्यमी सालों से गैस पाने के लिए लखनऊ से दिल्ली तक दौड़ लगा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगा रहे हैं, परंतु अभी तक कहीं से राहत की खबर नहीं है। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने प्रतीक्षारत इकाइयों को गैस देने की मुहिम अवश्य शुरू की, परंतु वह कागजों में ही सिमट कर रह गई है। धरातल पर कोई हलचल नजर नहीं आ रही।
राजा का ताल स्थित वीके ग्लास ने गैस पाने के लिए टीटीजेड अथॉरिटी में आवेदन किया गया। उक्त मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई। गेल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह कंपनी की पॉलिसी है कि गैस चोरी के आरोपी को पुन: गैस नहीं दी जा सकती। गेल का पक्ष सुनने के बाद मंडलायुक्त ने वीके ग्लास का आवेदन खारिज कर दिया। नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार के बैठक में उपस्थित न होने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।