मथुरा। बाजार बंद के नाम पर किए गए बवाल में एक हजार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई है। पुलिस ने वीडियो रिकार्डिंग के जरिए इनकी तलाश शुरू कर दी है। हाईवे और कोतवाली पुलिस मोहल्ले-मोहल्ले जाकर उपद्रवियों की तलाश कर रही है।
एससी-एसटी कानून में हुए संशोधन के विरोध में दलित संगठनों ने भारत बंद का एलान किया था। मथुरा में भी बाजार बंद कराए गए। आंदोलन के नाम पर जमकर उपद्रव किया गया। दुकानों में तोड़फोड़ की गई थी। व्यापारियों का सामान फेंक दिया गया था। राहगीरों के साथ मारपीट की गई।
एक घंटा तक रेलवे जंक्शन पर भीड़ का कब्जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में एक हजार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। 600 अज्ञात लोगों की भीड़ के खिलाफ हाईवे थाने में रिपोर्ट हुई है, जबकि 400 के खिलाफ कोतवाली में। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के पास वीडियो रिकार्डिंग है जिसके आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। कुछ नेताओं को पहचान भी लिया गया है।
यह लोग आंदोलनकारियों का नेतृत्व कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों की भी पहचान हो रही है उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।