फिरोजाबाद/जसराना। जसराना मुस्तफाबाद रोड पर बेकाबू स्कार्पियो ने रेहड़ी चालक को टक्कर मारने के बाद तीन राहगीरों को रौंद दिया। तीनों की मौके पर मौत हो गई। आक्रोशित भीड़ ने शवों को नहीं उठने दिया। रोड जाम करके नारेबाजी की। हादसे की सूचना मिलने पर एसडीएम एवं सीओ जसराना के साथ कई थानों का फोर्स पहुंच गया। जसराना विधायक रामगोपाल उर्फ पप्पू लोधी ने तीनों गांवों के प्रधानों को बुलाकर मृतकों के परिजनों को भूमि व सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया। तभी शवों को ही उठने दिया।
जसराना मुस्तफाबाद रोड पर स्कार्पियो काफी तेज गति से जा रही थी। स्कार्पियो सवारों ने हनुमान मंदिर के पास नगला मनी निवासी विनोद कुमार पुत्र भिस्त्री को टक्कर मार दी। वो घायल हो गया। दुर्घटना होने के बाद स्कार्पियो सवारों ने भीड़ से बचने को गाड़ी को काफी तेजी से दौड़ाया। इससे स्कार्पियो बेकाबू हो गई और जसराना के नगला रामा बाईपास चौराहे पर सड़क किनारे खड़े नगला रामा निवासी श्यामवीर सिंह (40) पुत्र कंबोद सिंह, औरंगाबाद निवासी ज्ञान सिंह (50) पुत्र रामसनेही को अपनी चपेट में ले लिया।
इसके कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने पीछा किया तो स्कार्पियो सवारों ने नगला रामा चौराहे से 200 मीटर करीब दूर साइकिल पर जा रहे नगला राजे निवासी जितेंद्र सिंह (28) पुुत्र नाहर सिंह को अपनी चपेट में ले लिया। जितेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस घायल जितेंद्र को वर्मा नर्सिंग होम में लेकर तो पहुंची लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आगे जाकर स्कार्पियो पलट गई। तीन मौतों से आक्रोशित भीड़ ने शवों को नहीं उठने दिया। सूचना पर एसडीएम कालीशंकर वर्मा एवं सीओ प्रेमप्रकाश कई थानों का फोर्स पहुंचा। भीड़ को काफी समझाने का प्रयास किया। जसराना विधायक रामगोपाल उर्फ पप्पू लोधी एवं चेयरमैन अवनीश गुप्ता पहुंचे। तीनों परिवारों को मदद के आश्वासन पर जाम खुला और शव उठाकर पुलिस ने पीएम को भेजे।
बेकाबू स्कार्पियो के रौंदने से तीन लोगों की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों को शांत करने के लिए विधायक रामगोपाल उर्फ पप्पू लोधी ने तीनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों को मौके पर बुला लिया। उन्होंने प्रधानों से तीनों मृतकों के परिवार को पांच-पांच बीघा भूमि देने, शासन से पांच-पांच लाख की सहायता राशि दिलाने एवं नगला राजे निवासी जितेंद्र की बेटी की शादी का खर्चा खुद उठाने की जिम्मेदारी ली। इसके बाद ही शवों को उठाया जा सका।
हादसे के बाद पुलिस ने ज्ञान सिंह का शव उठा लिया था लेकिन जैसे ही श्यामवीर का शव उठाने पहुंची तो विरोध शुरू हो गया। इसके बाद फोर्स पहुंचा। हालांकि जितेंद्र के परिजन भी शव को घटना स्थल पर ले जाने की जिद करने लगे।