मैनपुरी। देहात के साथ ही शहरी क्षेत्र को भी खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित करने की कवायद तेज हो गई है। इसमें निकाय क्षेत्रों के 60 वार्ड प्रस्तावित सूची में शामिल किए गए हैं। ओडीएफ कराने की जिम्मेदारी संबंधित अधिशासी अधिकारियों को दी गई है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को दो अक्तूबर 2019 तक खुले में शौच मुक्त घोषित किया जाना है। देहात में चल रहे अभियान के साथ ही शहरी क्षेत्र को भी ओडीएफ घोषित किया जाना है। इसीक्रम में निकाय क्षेत्र के वार्ड तय करके उनको ओडीएफ बनाने की तैयारी शुरू की गई है।
पहली सूची में निकाय क्षेत्रों के 60 वार्ड चिह्नित करके दिसंबर माह में ही उनको ओडीएफ बनाना तय किया गया है। ओडीएफ बनाने की जिम्मेदारी संबंधित निकायों के अधिशासी अधिकारी को सौंपी गई है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
मिशन के तहत अभियान की सफलता के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के कामों की समीक्षा भी कराने का निर्णय लिया गया है।
जिले की निकायों में कुल 134 वार्ड हैं। नगर पालिका में इस बार सात नए वार्ड जोड़े गए हैं। पुराने 25 वार्ड हैं। शहरी क्षेत्र के नए सात वार्डों को छोड़कर जिले के सभी 127 वार्डों को सितंबर 2018 तक ओडीएफ बनाने की योजना है। नगर पालिका में 25, नगर पंचायत कुरावली में 15, भोगांव में 16, बेवर में 15, कुसमरा में 10, किशनी में 10, करहल में 15, घिरोर में 11 तथा नगर पंचायत ज्योंती खुडिया में 10 वार्ड हैं।
दिसंबर 2017 तक ओडीएफ होने वाले वार्ड
एडीएम बी राम ने बताया कि शासन की मंशा के तहत निकाय क्षेत्रों के चिह्नित वार्डों को समय सीमा के अंदर ओडीएफ किया जाना है। इस संबंध में अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। समय सीमा बीतने के बाद अधिशासी अधिकारियों को संबंधित वार्डों के ओडीएफ हो जाने का प्रमाणपत्र भी देना होगा। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी।