एटा। जिलाधिकारी अमित किशोर की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए चर्चा की गई। इस मौके पर प्रथम चरण मेें 122 गांवों को कुपोषण मुक्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही डीएम ने सीडीपीओ को कार्य में सहयोग नहीं करने पर कड़ी फटकार लगाई।
डीएम अमित किशोर ने कहा कि खुले में शौच मुक्त के साथ जिले को कुपोषण से भी मुक्ति दिलानी है। प्रथम चरण में 122 गांवों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए चिन्हांकित किया गया है। जिसके लिए बेसलाइन सर्वे का काम चल रहा है। डीएम अमित किशोर ने बाल विकास विभाग द्वारा अभियान में सहयोग अपेक्षित न होने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी सीडीपीओ को फटकार लगाई।
उन्होंने डीपीओ सत्यप्रकाश को निर्देश दिए जिले में सीडीपीओ की कमी को दृष्टिगत रखते हुए नियमित सीडीपीओ की तैनाती को पत्र भेजें। कुपोषण मुक्त अभियान के तहत छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों का चिन्हांकन कर रिपोर्ट कार्ड तैयार करें। बैठक में सीडीओ उग्रसेन पांडेय, सीएमओ डा. अजय अग्रवाल, डीडीओ एसएन सिंह कुशवाह, डीआईओएस एसपी यादव, प्रभारी बीएसए एसपी सिंह, विजय वर्मा आदि मौजूद रहे।